पूरी दुनिया में मची हलचल, अचानक क्यों नेतन्याहू ने मिलाया PM मोदी को फोन?

India-Israel Relations: अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला पर हमला कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया. वहीं चीन और ताइवान के बीच भी इन दिनों तनाव बढ़ा है. अब यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वेनेजुएला के बाद अमेरिका का अगला टारगेट ईरान हो सकता है. इस बीच भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है. अब सवाल ये है कि दुनियाभर में हो रही हलचल के बीच आखिर क्यों नेतन्याहू ने पीएम मोदी को फोन मिलाया है.

मोदी-नेतन्याहू के बीच बातचीत
पीएम मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बुधवार 7 जनवरी 2026 को काउंडर टेररिज्म और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों को लेकर बातचीत हुई. इसके साथ ही पीएम मोदी ने इजरायली पीएम और वहां की जनता को नए साल की शुभकामनाएं भी दीं. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिति को लेकर भी चर्चा की और आतंकवाद के साथ मजबूती से लड़ने की बात भी कही.

राजनीतिक उथल-पुथल के बीच क्यों हुई बातचीत?
बता दें कि नेतन्याहू दिसंबर 2025 में भारत का दौरा करने वाले थे, हालांकि किसी कारणवश उन्हें अपनी यात्रा कैंसिल करनी पड़ी. इसको लेकर काफी चर्चाएं भी हुई थीं. ऐसा इसलिए क्योंकि यह तीसरी बार था जब इजरायली पीएम की भारत यात्रा टली थी. माना जा रहा है कि नवंबर 2025 में दिल्ली ब्लास्ट के चलते भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इजरायली पीएम की भारत यात्रा रद्द हुई होगी. वहीं अब दोनों नेताओं के बीच बातचीत ऐसे समय पर हुई है जब वैश्विक राजनीति डामाडोल से गुजर रही है.

क्या है इस बातचीत का संकेत?
बता दें कि भारत और इजरायल के बीच हमेशा से अच्छे संबंध रहे हैं. इजरायल हमेशा जरूरत पड़ने पर भारत के साथ खड़ा रहा है. वह लगातार भारत को एडवांस वेपन भी सप्लाई करता रहता है. इतना ही नहीं इजरायल हमेशा से संयुक्त राष्ट्र (UN) समेत कई वैश्विक संस्थानों में खुलकर भारत का समर्थन भी करता रहा है. वैश्विक राजनीतिक उथल-पुथल के बीच दोनों नेताओं के बीच बातचीत आपसी सहयोग और संवाद बढ़ाने का बड़ा संकेत है. भारत-इजरायल केवल डिफेंस या सिक्योरिटा नहीं बल्कि फॉरेन पॉलिसी और क्षेत्रीय शांति में भी मिलकर काम कर रहे हैं.