पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने दावा किया है कि मई में भारत से युद्ध जैसी परिस्थितियों में खुदा पाकिस्तान की मदद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत से युद्ध के बीच उन्हें अहसास हुआ कि उन्हें कोई दैवीय सहायता मिल रही है। इस्लामाबाद में नेशनल उलेमा कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अनुभव किया कि पाकिस्तान के ऑपरेशन सिंदूर के वक्त कोई आसमानी ताकत पाकिस्तान की मदद कर रही थी।
बता दें कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था और पीओके में आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया था। मुनीर के भाषण की क्लिप रविवार को टीवी पर भी प्रसारित की गईं। इसमें मुनीर कह रहे हैं, खुदा गवाह है कि इस बुरे समय में अल्लाह की मदद आई। हमने अल्लाह की मदद आते हुए देखी, महसूस की।
बता दें कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर में पीओके में आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया गया था। वहीं बौखलाई पाकिस्तान की सेना ने भारत में सिविलियन इलाके में हमले शुरू कर दिए। इसके बाद भारत ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया और उसके कई एयरबेस तबाह कर दिए। मुनीर अपने भाषण में आधुनिक पाकिस्तान की तुलना 1400 साल पहले पैगंबर मोहम्मद के इस्लामिक राज से कर रहे थे जो कि अरब क्षेत्र में स्थापित किया गया था। उन्होंने अपने भाषण में बार-बार कुरान की आयतों का जिक्र करके बताया कि पाकिस्तान इस्लाम के लिए कितना अहम है।
मुनीर ने कहा, दुनियाभर में 57 मुस्लिम देश हैं लेकिन पाकिस्तान को खुदा ने खास नेमत बख्शी है। अल्लाह ने पाकिस्तान को शरीफों का रखवाला बनाया है। वहीं मुनीर ने पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि अफगानिस्तान तालिबान को पाकिस्तान और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के बीच एक को ही चुनना होगा। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में घुसपैठ करने वाले आतंकियों में अफगानिस्तान के लोग शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस्लामिक स्टेट वही है जिसके पास जिहाद के ऐलान का आधिकार है। बिना अल्लाह के आदेश के कोई भी जिहाद का फतवा नहीं जारी कर सकता है।