मुजफ्फरपुर; बिहार सरकार ने मुजफ्फरपुर जिले के दो पुलिस सब-डिवीजनों में सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया है. गृह विभाग (स्पेशल ब्रांच) की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह प्रतिबंध 24 जुलाई 2026 को दोपहर 12:30 बजे से 26 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे तक प्रभावी रहेगा. सरकार का कहना है कि यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए लिया गया है.
आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध केवल मुजफ्फरपुर जिले के पुलिस सब डिविजिन टाउन 1 और 2 क्षेत्रों में लागू होगा. सरकार ने सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिया है कि निर्धारित अवधि के दौरान इन इलाकों में सोशल नेटवर्किंग साइट्स और मैसेजिंग एप्स के माध्यम से संदेशों के प्रसारण पर रोक सुनिश्चित की जाए.
सरकार ने क्या वजह बताई?
गृह विभाग के आदेश में कहा गया है कि जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर आपत्तिजनक सामग्री, अफवाहें और भड़काऊ संदेश प्रसारित कर सकते हैं. इससे लोगों को अपराध करने के लिए उकसाया जा सकता है, जान-माल का नुकसान हो सकता है और क्षेत्र में शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. इसी आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. राज्य सरकार ने यह आदेश टेली कम्यूनिकेशन एक्ट 2023 की धारा 20 तथा दूरसंचार (सेवाओं का अस्थायी निलंबन) नियम, 2024 के तहत जारी किया है.
किन-किन प्लेटफॉर्म पर रोक?
सरकार ने जिन प्रमुख प्लेटफॉर्मों पर रोक लगाई है, उसमें
-WhatsApp
-Facebook
-X (पूर्व में Twitter)
-Instagram
-Telegram
-Reddit
-Snapchat
-Skype
-Viber
-Pinterest
-WeChat
-Line
-YouTube (केवल अपलोडिंग)
-अन्य सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म और मास मैसेजिंग सेवाएं
आदेश में सभी प्रकार की ब्रॉडबैंड कम्युनिकेशन सेवाओं का भी उल्लेख किया गया है, ताकि सोशल मीडिया के जरिए बड़े पैमाने पर संदेशों का प्रसार रोका जा सके.
किन सेवाओं को मिली छूट?
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश सरकारी इंटरनेट एवं इंट्रानेट सेवाओं पर लागू नहीं होगा. बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क , NICNet, नेशनल नॉलेज नेटवर्क (NKN), बिहार SecLAN, G-SWAN, बैंकिंग सेवाएं, रेलवे तथा अन्य सरकारी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहेंगी.
आदेश में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस आदेश का उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी. साथ ही आदेश की प्रति सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं, बिहार पुलिस, दूरसंचार विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल पालन के लिए भेजी गई है.
इस आदेश के लागू होने के बाद मुजफ्फरपुर के टाउन-1 और 2 पुलिस सब-डिवीजन में रहने वाले लोग करीब 46 घंटे तक सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं कर पाएंगे. हालांकि बैंकिंग, सरकारी नेटवर्क और अन्य आवश्यक सेवाएं पहले की तरह चालू रहेंगी.