PM Modi Israel Visit: मिडिल ईस्ट में इस समय उथल पुथल की स्थिति बनी हुई है. उधर, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है. इन सब के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा की चर्चा तेज हो गई है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी फरवरी के आखिरी सप्ताह में इजरायल की यात्रा कर सकते हैं. अभी तक की जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी की ये दो दिवसीय यात्रा हो सकती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अगर यह दौरा होता है, तो साल 2017 के बाद पीएम का पहला इजरायली दौरा होगा. हालांकि, विदेश मंत्रालय की ओर से अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये इजरयाल यात्रा कई मायनों में खास रहने की संभावना है. माना जा रहा है कि इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है. पीएम मोदी यह यात्रा इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर करने वाले हैं. इस यात्रा के दौरान भारत और इजरायल के बीच रक्षा, सुरक्षा और तकनीक जैसे अहम मुद्दों पर बातचीक हो सकती है. वर्तमान में मध्य पूर्व में जो स्थिति बनी हुई है, उसको देखते हुए भारतीय विदेश नीति के लिए ये दौरा काफी अहम माना जा रहा है. हालांकि, इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि पीएम मोदी की इस यात्रा से पाकिस्तान और उसके सेना प्रमुख आसिम मुनीर की चिंता बढ़ेगी.
क्यों बेहद अहम है ये यात्रा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये यात्रा देखने में जितनी सामान्य लग रही है, शायद उतनी है नहीं. ऐसा इसलिए क्यों कि पीएम मोदी की यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब मध्य पूर्व में हालात बेहद अलग हैं. वहीं, एक हालिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि पिछले कुछ समय में पाकिस्तान हमास को सहयोग देने का काम कर रहा है. रिपोर्ट में बताया गया था कि पाकिस्तान की धरती पर हमास के कुछ प्रतिनिधि कुछ स्थानीय आंतकी संगठनों के संपर्क में देखे गए थे. अगर इस रिपोर्ट में कहीं बातें सही हैं, तो इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि यह भविष्य में यह भारत के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है.
इतना ही नहीं, इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने बांग्लादेश और पाकिस्तान में हमास की गतिविधियों पर चिंता जताई है. उन्होंने यह भी कहा था कि सभी देशों को इससे सतर्क रहना चाहिए. इस स्थिति में भारत के लिए इजरायल के साथ सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर ध्यान देना काफी अहम हो गया है. और तो और यह पाकिस्तान की हर एक चाल को नाकाम करने के लिए आवश्यक है. इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि पीएम मोदी की इस यात्रा से पाकिस्तान की टेंशन बढ़ जाएगी.
इन मुद्दों पर चर्चा की संभावना
बताया जा रहा है कि पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता, गाजा से जुड़े हालात और आतंकवाग के खिलाफ एक साथ मिलकर काम करने के मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं. चूंकि भारत ने हमेशा शांति और बातचीत का समर्थन तिया है. पीएम मोदी का दौरा दोनों देशों के रिश्तों को व्यक्तिगत स्तर पर मजबूत करने का मौका माना जा रहा है. इस यात्रा के दौरान सबसे बड़ा एजेंडा रक्षा सहयोग का हो सकता है. इजरायल की उन्नत तकनीक भारत की सुरक्षा के आवश्यकताओं के लिए काफी अहम मानी जाती है.
इन क्षेत्रों की डील पर भी बन सकती है बात
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर फोकस रहेगा. इस दौरान रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढने की संभावना है.
वहीं, इंटेलिजेंस शेयरिंग पर भी जोर रहने की संभावना है. दोनों देश पहले से ही आतंकवाद से जुड़ी सूचनाओं का अदान प्रदान करते हैं. हालांकि, पाकिस्तान हमास कनेक्शन के मद्देनजर यह और भी गहरा हो सकता है.
पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच साइबर सुरक्षा, तकनीत हस्तांतरण और कृषि क्षेत्र में भी नए समझौते संभव हैं. साइबर क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान डिजिटल खतरो