इस्लामाबाद: पाकिस्तान के हाथ-पांव एक बार फिर से फूलने लगे हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बुरी तरह पीटा चुका ये देश दिल्ली धमाके के बाद से दहशत में था. बुधवार शाम को गहन जांच के बाद भारत सरकार ने धमाके को आतंकी हमला मान लिया है. ये खबर मिलते ही पाकिस्तान में खलबली मच गई है. सूत्रों के हवाले से पता चला है कि शहबाज-मुनीर ने अपनी आर्मी लाहौर की ओर भेजनी शुरू कर दी है. दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान ने बॉर्डर पर टैंक तैनात कर दिए हैं और पूरी सेना में ऑपरेशन सिंदूर के पार्ट 2 को लेकर खौफ फैला हुआ है.
Pakistan में चल क्या रहा है?
भारत सरकार ने कैबिनेट मीटिंग के बाद ऐलान कर दिया है कि दिल्ली के लाल किले पर हुआ धमाका आतंकी हमला था. ये ऐलान सुनकर पाकिस्तान में पैनिक की स्थित बन गई है. सूत्रों के मुताबिक मुनीर ने अपनी सेना को लाहौर की तरफ जाने का आदेश दे दिया है और भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर टैंकों की तैनाती कर दी गई है. लाहौर के आसपास पाकिस्तानी सेना की भारी तैनाती की जा रही है. वहीं, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में भी पाकिस्तानी बलों की गतिविधि तेज हो गई है.
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना में सभी अवकाश रद्द कर दिए गए हैं और सूत्रों ने दावा किया है कि अगले 72 घंटों में मिसाइल परीक्षण भी किया जा सका है.
बता दें कि इससे पहले भारतीय सेना प्रमुख ने आज ही कहा था कि ‘अगर पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर-1.0 से सबक नहीं लिया, तो हम 2.0 से सबक सिखाएंगे’. यही नहीं पीएम मोदी भी कह चुके हैं कि दिल्ली धमाके के गुनगार बख्शे नहीं जाएंगे.
सबसे पहले लाहौर क्यों भागी पाकिस्तानी आर्मी?
बता दें कि पाकिस्तान ने पैनिक की हालत में सबसे पहले लाहौर को इसलिए सुरक्षित कर लिया है क्योंकि मुस्लिम देश की राजधानी वाघा सीमा के करीब स्थित है, जिसकी वजह से ये भारत के टारगेट पर पहले आ सकता है.
इसके अलावा लाहौर, कराची के बाद पाकिस्तान के सबसे बड़े औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों में से एक है. यह विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कपड़ा और सेवा उद्योगों के लिए एक बड़ा बाजार है.
लाहौर हर एक महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन और एक प्रमुख सड़क मार्ग केंद्र है, जो इसे देश के अन्य हिस्सों से जोड़ता है. यह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और यात्रा के लिए भी महत्वपूर्ण है.