वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के लिए बढ़ेगी समय सीमा? कांग्रेस की मांग पर क्या कह रही सरकार

नई दिल्ली : कांग्रेस के एक सांसद ने शुक्रवार को सरकार से मांग की कि वक्फ संपत्ति यों के पंजीकरण के लिए ‘उम्मीद’ पोर्टल को खोलने की अवधि छह महीने के लिए बढ़ाई जानी चाहिए। कांग्रेस के मोहम्मद जावेद ने लोकसभा में शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्ति के पंजीकरण का आज आखिरी दिन है। उन्होंने कहा कि हमने जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) में भी कहा था कि यह संभव नहीं है। अभी तक 30 प्रतिशत भी वक्फ संपत्तियां पंजीकृत नहीं हो पाई हैं।’’

समयसीमा बढ़ाने की मांग क्यों?
जावेद ने कहा कि तकनीकी बाधाएं भी हैं, ऐसे में सरकार को पोर्टल पर पंजीकरण की अवधि छह महीने के लिए बढ़ानी चाहिए तथा यह जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए कि एक भी वक्फ जायदाद का पंजीकरण छूटे नहीं। दूसरी तरफ सरकार ने रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ाने से इनकार किया है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने ‘उम्मीद’ पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की समयसीमा बढ़ाने की संभावना से शुक्रवार को इनकार किया।

क्या कह रही सरकार?
रिजीजू ने कहा कि उन ‘मुत्तवलियों’ (वक्फ का देखभाल करने वाले) को तीन महीने तक जुर्माने और किसी कठोर सजा से राहत दी जाएगी, जो पंजीकरण करने का प्रयास करते हुए किसी वजह से सफल नहीं हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि शुक्रवार सुबह तक 1.51 लाख संपत्तियों का पंजीकरण हो चुका था। मंत्री का यह भी कहना था कि जो लोग पंजीकरण नहीं कर पाए हैं वो वक्फ न्यायाधिकरण का रुख कर सकते हैं।

रीजीजू ने इस बात का उल्लेख किया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देशों में स्पष्ट था कि छह महीने की समय सीमा के बाद तारीख को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है, लेकिन ट्रिब्यूनल के पास इसे छह महीने तक आगे बढ़ाने का अधिकार है।