India Secret Overseas Plan: भारत सरकार ने विदेशों में अपने नागरिकों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा और भारत विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए एक नई, पुख्ता रणनीति अपनाई है। इस योजना के अंतर्गत भारत ने कई देशों में ‘वन स्टॉप सेंटर’ खोले हैं, जो न सिर्फ भारतीय महिलाओं को कानूनी और मानसिक रूप से सहायता प्रदान करेंगे, बल्कि विदेशों में भारत विरोधी ताकतों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने में भी सहयोग करेंगे।
हाल ही में हुई घटनाओं और आरोपों के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है कि भारत अपने विरोधियों के खिलाफ विदेशों में सक्रिय रूप से कार्रवाई करता है। इसके अंतर्गत पहले निजर, हादी और अन्य मामलों को लेकर आरोप लगे थे कि भारत विदेशों में अपने दुश्मनों के खिलाफ ऑपरेशन कर रहा है। इन आरोपों की पृष्ठभूमि में, कनाडा और कुछ खाड़ी देशों में भारत विरोधी गतिविधियों पर भी गंभीरता से ध्यान गया। भारत सरकार ने इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है और इंटेलिजेंस एजेंसियों को अलर्ट पर रखा।
बांग्लादेश और पाकिस्तान में भारत विरोधी गतिविधियों की पहचान
खासतौर से बांग्लादेश और पाकिस्तान में भारत विरोधी गतिविधियाँ चल रही हैं। पाकिस्तान में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और अन्य इनडायरेक्ट ऑपरेशंस के माध्यम से आतंकवाद फैलाने वाले लोगों पर निशाना साधा गया। वहीं, बांग्लादेश में भारत विरोधी आंदोलन चल रहे हैं, जिनमें प्रदर्शन और सोशल मीडिया अभियान शामिल हैं। भारत सरकार ने इसके पलटवार में कांसुलेट्स को सुरक्षित किया और सीमा पर फौज तथा मिसाइल तैनात कर सुरक्षा सुनिश्चित की।
विश्लेषकों का कहना है कि बांग्लादेश का आकार और जनसंख्या भारत के एक बड़े प्रांत के मुकाबले बहुत छोटा है, और भारत की सतर्कता तथा सुरक्षा उपाय वहां किसी भी खतरे से निपटने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
लव जिहाद और कन्वर्ज़न की दिक्कतें
भारत सरकार ने विदेशों में भारतीय महिलाओं के खिलाफ चल रहे ‘लव जिहाद’ और ‘कन्वर्ज़न’ की घटनाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया है। कई भारतीय महिलाओं को खाड़ी देशों में विवाह के बहाने ले जाकर, वहाँ उनकी शारीरिक सुरक्षा खतरे में डाली जाती है। कुछ मामलों में महिलाओं के शरीर के अंगों की बिक्री भी होती है। इसके अलावा, हिन्दू और सिख समुदाय की महिलाएं भी ऐसी परिस्थितियों का शिकार हो रही हैं।
इन सभी घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने ‘वन स्टॉप सेंटर’ खोले हैं, जहाँ भारतीय महिलाएं कानूनी, मानसिक और वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकती हैं। इन सेंटरों में हेल्पलाइन 24/7 उपलब्ध है और महिलाओं को सुरक्षा और शेल्टर भी प्रदान किया जाता है।
वन स्टॉप सेंटर: भारत की वैश्विक पहल
भारत ने इस पहल के अंतर्गत पहले खाड़ी देशों जैसे बहरीन, कुवैत, ओमान, क़तर, UAE और सऊदी अरब में वन स्टॉप सेंटर खोले थे। इसके अलावा सिंगापुर, टोरंटो और कनाडा में भी ऐसे केंद्र स्थापित किए गए हैं। हाल ही में कनाडा में खोले गए सेंटर में महिलाओं को कानूनी, साइकोलॉजिकल और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। बता दे, इस पहल का मुख्य मकसद सिर्फ महिलाओं को मदद प्रदान करना नहीं है, बल्कि विदेशों में भारत विरोधी गतिविधियों की रोकथाम और इंटेलिजेंस संग्रह भी है। इन सेंटरों के माध्यम से भारतीय मिशनों और एंबेसीज को सीधे रिपोर्टिंग और कार्रवाई की सुविधा मिलती है।
इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड
विदेशों में फंसी भारतीय महिलाओं की सहायता के लिए भारत सरकार ने ‘इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड’ भी स्थापित किया है। इस फंड के माध्यम से खाड़ी देशों, लीबिया, इराक, यमन और सूडान में फंसी हजारों महिलाओं और भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है। उदाहरण के लिए आपको बता दे, साल 2017 में सऊदी अरब में अवैध अमनेस्टी से प्रभावित भारतीय महिलाओं को इस फंड की सहायता से सुरक्षित निकाला गया।
फंड की सहायता से एयरलिफ्ट ऑपरेशन और अन्य बचाव कार्य भी संचालित किए जाते हैं। इस पहल से भारत सरकार को विदेशों में अपने नागरिकों के लिए सीधे कार्रवाई करने की क्षमता मिली है।
भारत की वैश्विक सशक्त उपस्थिति
वन स्टॉप सेंटर और इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड की सहायता से भारत विदेशों में न सिर्फ अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि भारत विरोधी शक्तियों और उनके नेटवर्क को कमजोर करने के लिए भी सक्रिय हो रहा है। इस कदम के माध्यम से भारत वैश्विक मंच पर अपनी सुरक्षा और नीति में मजबूत स्थिति बनाए रख रहा है।
इसे लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति भारत सरकार की विदेश नीति में एक बड़े और आवश्यक बदलाव ए है, जो मोदी सरकार की सुरक्षा और इंटेलिजेंस दृष्टिकोण को दर्शाती है। इसके साथ ही, भारत विरोधी ताकतों के लिए यह एक साफ संदेश भी है कि भारतीय नागरिकों और महिलाओं की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होगा। बता दे, भारत सरकार की यह पहल वैश्विक स्तर पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा में एक मिसाल साबित हो रही है।