जैसे आप नमाज नहीं पढ़ सकते, वैसे ही कोई मुसलमान वंदे मातरम नहीं बोल सकता. आपको अवगत कराना चाहता हूं कि ‘वंदे मातरम’ में कुछ शब्द ‘पूजा-अर्चना’ से जुड़े हैं… ऐसे समय में जब वंदे मातरम के 150 साल के उपलक्ष्य में देश में कार्यक्रम हो रहे हैं महाराष्ट्र में सपा के एमएलए अबू आजमी ने नए विवाद को हवा दे दी है. BJP के मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने अबू आजमी को लेटर लिखा था कि शुक्रवार 7 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ है. इस अवसर पर घर के पास सुबह 10:30 बजे वंदे मातरम गीत के गायन का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है. इस पर अबू आजमी ने तीखा जवाब दिया.
अबू आजमी ने लिखा कि श्री अमित साटम जी, मेरे घर के पास ‘वंदे मातरम’ वाचन के आमंत्रण के लिए आपका धन्यवाद, आपका हार्दिक स्वागत है. यह आप अपनी पार्टी के किसी पढ़े-लिखे व्यक्ति से पूछ सकते हैं. जिस तरह आप मेरे साथ नमाज नहीं पढ़ सकते, उसी तरह मैं ‘वंदे मातरम’ नहीं गा सकता.
बाध्य करना अधिकार का उल्लंघन
अबू ने आगे लिखा है कि देश की सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय दिया है कि किसी को जबरन राष्ट्रगीत गाने के लिए बाध्य करना, व्यक्ति के धर्म और अंतरात्मा की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है. दूसरी बात, सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया है जिनमें ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान कानूनी दर्जा और संरक्षण देने की मांग की गई थी.
… तो आप देशद्रोही का प्रमाण पत्र देंगे?
महोदय, जब भी विधानसभा के सत्र में ‘वंदे मातरम’ गाया जाता है, हम आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं और उसका आदर करते हैं. हम आपके साथ ‘जन गण मन’ गाते हैं लेकिन आप जनता को यह नहीं बताएंगे. केवल इसलिए कि मुसलमान ‘वंदे मातरम’ नहीं गा सकता, आप उसे देशद्रोही का प्रमाणपत्र देंगे- यह बहुत निचले दर्जे की राजनीति है.
अचानक देशभक्ति जाग गई…
उन्होंने आगे तंज भरे लहजे में कहा कि यह आश्चर्य की बात नहीं है कि आपकी देशभक्ति अचानक से जाग गई है क्योंकि मुंबई महानगरपालिका चुनाव आ चुके हैं. आपको मुसलमानों से ‘वंदे मातरम’ गवाना है, आपको ‘खान’ नाम का मेयर नहीं चाहिए, कुरान पढ़ने वालों को पाकिस्तान भेजना है और उन्हें देशद्रोही कहना है- मुंबई की जनता आपकी इस नफरत भरी राजनीति की समझती है. अगर आपकी यह कोशिश मंत्री पद के लिए है, तो वह बेकार है- यह काम आपके कुछ मंत्री पहले से ही कर रहे हैं और अफसोस की बात है कि राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इसे चुपचाप देख रहे हैं.
सपा एमएलए ने आखिर में कहा कि सत्ता के लिए संविधान का, देश के अल्पसंख्यकों का जितना अपमान आपने (अमित साटम) और आपकी पार्टी (भाजपा) ने किया है, वह पूरी दुनिया देख रही है. हमारी देशभक्ति की बराबरी आप नहीं कर सकते. ‘वंदे मातरम’ से न हमारा विरोध था, न है, न कभी रहेगा. उसे हमारे हिंदू भाई गर्व से गाते हैं और गाते रहेंगे. आपसे अनुरोध है कि इसे अपनी राजनीति का हिस्सा बनाकर सत्ता की रोटी न सेंकें क्योंकि सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती.
इससे पहले अमित साटम ने अबू आजमी को लिखे लेटर में कहा था कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम देशभक्ति, एकता और प्रेरणा का प्रतीक है. मैं आपको इस कार्यक्रम में आमंत्रित करता हूं कि आप हमारे साथ इस गीत का गायन करें. मुझे आशा है कि आप इस कार्यक्रम में अवश्य शामिल होंगे और वंदे मातरम के गायन में भाग लेंगे.
अबू आसिम के घर के सामने सजा मंच
मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अजित साटम और विधानसभा अध्यक्ष राहिल नार्वेकर ने अबू आसिम आजमी के घर के सामने मंच पर वंदे मातरम का पाठ किया है और कुछ विवादित नारे भी लगने की बात कही जा रही है.