कालसर्प दोष की उज्जैन में पूजा करा रहा था ड्रग तस्कर, तीर्थ यात्री बनकर पहुंच गई राजस्थान पुलिस

भोपाल: जन्म कुंडली से कालसर्प दोष हटवाने और ग्रह-नक्षत्रों की बाधाओं से मुक्ति पाने की चाह में उज्जैन पहुंचे एक अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्कर को राजस्थान पुलिस ने मंदिर परिसर से ही गिरफ्तार कर लिया। जिस पूजा को वह अपने संकट दूर करने का उपाय मान रहा था, वही उसके लिए गिरफ्तारी का कारण बन गई।

नीमच जिले का रहने वाला 37 वर्षीय राकेश जाट राजस्थान में दर्ज मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में फरार था। उसकी गिरफ्तारी पर राजस्थान पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि राकेश अपनी जन्म कुंडली के कालसर्प दोष निवारण के लिए उज्जैन में विशेष पूजा-अर्चना कराने आया है।

कालसर्प दोष की पूजा कराने पहुंचा था ड्रग तस्कर
नीमच का रहने वाला है तस्कर राकेश जाट
अंतर राज्जीय ड्रग तस्करी नेटवर्क की अहम कड़ी
उज्जैन के एक मंदिर में पूरा करा रहा था
तीर्थयात्री बनकर पहुंच गई राजस्थान पुलिस

इसके बाद राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की पांच सदस्यीय टीम तीर्थयात्रियों का भेष धारण कर उज्जैन पहुंची। दो दिनों तक टीम ने महाकाल मंदिर सहित शहर के 15 से अधिक मंदिरों में तलाश की। आखिरकार एक अपेक्षाकृत कम चर्चित मंदिर में विशेष पूजा कर रहे राकेश जाट को पहचान कर गिरफ्तार कर लिया गया।

अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की अहम कड़ी है

पुलिस के अनुसार राकेश जाट पश्चिमी मध्य प्रदेश में अवैध अफीम और डोडाचूरा एकत्र कर राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र के तस्करों तक पहुंचाने वाली बड़ी सप्लाई चेन का अहम कड़ी था। उसकी गिरफ्तारी से मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच सक्रिय अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के कई राज खुलने की उम्मीद है।

चित्तौड़गढ़ से आईटीआई डिप्लोमा धारक है

दिलचस्प बात यह है कि राकेश सामान्य तस्करों की तरह अशिक्षित नहीं है। वह राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से आईटीआई डिप्लोमा धारक है। खेती करते-करते उसका संपर्क अफीम कारोबारियों से हुआ और बाद में वह बड़े ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा बन गया। इससे पहले भी वह मादक पदार्थ तस्करी के मामले में जेल जा चुका है।

झारखंड से भी एक फरार तस्कर को गिरफ्तार किया

उधर, राजस्थान ANTF ने इसी अभियान के दौरान झारखंड से एक अन्य वांछित तस्कर अंकित कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया। उसे पकड़ने के लिए पुलिसकर्मियों ने रेलवे के सिविल इंजीनियरों का भेष धारण किया था। राजस्थान पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि राकेश जाट की गिरफ्तारी से ड्रग्स तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर बड़ी चोट पहुंची है और अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।