राजस्थान के सीकर जिले में मंगलवार को उस वक्त प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया, जब जिला प्रभारी और वन मंत्री संजय शर्मा एक जनसेवा शिविर के निरीक्षण के दौरान बुरी तरह भड़क गए। अव्यवस्थाओं और अधिकारियों की लापरवाही देख मंत्री का पारा इतना चढ़ गया कि उन्होंने जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा को दो टूक कह दिया, “कलेक्टर साहब, अब आप ही अपनी मर्जी से इस जिले को चलाओ, मैं जा रहा हूं।” इसके बाद मंत्री बैठक बीच में ही छोड़कर सीधे जयपुर के लिए रवाना हो गए। पूरा घटनाक्रम मंगलवार दोपहर करीब 2:00 बजे शुरू हुआ।
प्रभारी मंत्री संजय शर्मा बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक सीकर के शहरी सेवा शिविर का जायजा लेने पहुंचे थे। वहां पहुंचते ही उन्होंने देखा कि ज्यादातर कर्मचारी अपनी सीटों से नदारद हैं और कुर्सियां खाली पड़ी हैं। जब मंत्री ने वहां मौजूद आरओ (RO) महेश योगी से शिविर के तहत हुए कार्यों की सूची मांगी, तो अधिकारी ने अपने मोबाइल में लिस्ट दिखानी शुरू कर दी। इस पर मंत्री बिफर पड़े और बोले, “मजाक समझ रखा है क्या? मैं प्रदेश का मंत्री हूं, कोई मामूली कर्मचारी नहीं। तमीज से प्रिंट आउट लेकर आओ।”
प्रिंटेड सूची न होने के कारण करीब 10 मिनट तक अधिकारी और कर्मचारी एक-दूसरे का मुंह ताकते रहे। मंत्री के पहुंचने के करीब 20 मिनट बाद जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा मौके पर पहुंचे। बैठक के दौरान जब शहर में फेरोकवर और स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर सवाल पूछे गए, तो एक्सईएन (XEN) प्रतिभा चौधरी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं। इसी बीच जब एक पूर्व पार्षद ने भ्रष्टाचार की शिकायत की, तो कलेक्टर ने नगर परिषद कर्मचारियों का पक्ष रखने की कोशिश की।
यही वह मोड़ था जहां बहस तीखी हो गई। कलेक्टर को बीच में बोलते देख मंत्री संजय शर्मा ने तल्ख लहजे में कहा, “कलेक्टर साहब, इन चोरों को प्रोटेक्शन देने की जरूरत नहीं है।” मंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने एक पीड़ित महिला अन्नू देवी की शिकायत का हवाला देते हुए प्रशासन को आईना दिखाया, जो एक महीने से अवैध निर्माण की शिकायत लेकर भटक रही थी। अधिकारियों की कार्यशैली और कलेक्टर के बचाव करने वाले रवैये से नाराज होकर मंत्री ने अपने कागजात समेटे और कहा, “आपकी मर्जी हो उस तरह से इस जिले और शिविरों को चलाइए।”
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि अब वे यहां की स्थितियों की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सौंपेंगे। प्रभारी मंत्री के रवाना होने के महज 10 मिनट बाद ही स्वायत्त शासन मंत्री (UDH) झाबर सिंह खर्रा भी नगर परिषद पहुंचे। कलेक्टर मुकुल शर्मा ने उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि मंत्री खर्रा ने फोन पर संजय शर्मा से बात कर मामला शांत करने की कोशिश की, लेकिन तब तक प्रभारी मंत्री जयपुर की ओर निकल चुके थे।