Rajasthan Top Polluted Cities: राजस्थान में एक बार फिर हवा की गुणवत्ता चिंता का विषय बन गई है. प्रदेश के कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर के करीब पहुंच गया है, जिससे आम लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है. बढ़ता प्रदूषण, ठंडी हवाओं की कमी, वाहनों का धुआं और औद्योगिक गतिविधियां इसकी बड़ी वजह मानी जा रही हैं. हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे, तो बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए परेशानी और बढ़ सकती है.
भिवाड़ी
भिवाड़ी में AQI 249 दर्ज किया गया है, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है. औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बना रहता है. फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं और भारी वाहनों की आवाजाही हवा को और जहरीला बना रही है. सुबह और शाम के समय धुंध की चादर साफ दिखाई दे रही है.
बीकानेर
बीकानेर में AQI 233 रिकॉर्ड किया गया है. रेगिस्तानी इलाके में हवा का रुख थमने से प्रदूषण जमा हो रहा है. खुले में कचरा जलाना और वाहनों से निकलने वाला धुआं हालात को और बिगाड़ रहा है. लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायतें सामने आ रही हैं.
चूरू
चूरू का AQI 239 तक पहुंच गया है. यहां ठंड के साथ-साथ प्रदूषण का असर साफ नजर आ रहा है. सुबह के समय स्मॉग जैसी स्थिति बनी रहती है. डॉक्टर लोगों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे हैं.
जयपुर
राजधानी जयपुर में AQI 206 दर्ज किया गया है. बढ़ती गाड़ियों की संख्या और निर्माण कार्यों की धूल ने हवा को खराब कर दिया है. प्रमुख सड़कों और चौराहों पर प्रदूषण ज्यादा महसूस किया जा रहा है, जिससे दमा और एलर्जी के मरीज परेशान हैं.
झुंझुनू
झुंझुनू में AQI 216 रिकॉर्ड हुआ है. यहां भी प्रदूषण धीरे-धीरे बढ़ रहा है. ठंडी हवा की कमी के चलते धुआं वातावरण में ही अटका हुआ है. स्थानीय लोग सुबह-शाम बाहर निकलने से बच रहे हैं.
सीकर और टोंक
सीकर में AQI 222 और टोंक में 200 दर्ज किया गया है. दोनों ही शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई है. विशेषज्ञों का कहना है कि वाहनों के साथ-साथ घरेलू स्तर पर ईंधन जलाने से भी प्रदूषण बढ़ रहा है.
जोधपुर
वहीं देश के बडे शहरों में शुमार जोधपुर की आबो हवा इन दिनों आमजन के सांस लेने योग्य नही है. मौसम बदले के साथ अच्छी हवा की उम्मीद में लोग सुबह शाम मॉर्निंग वॉक करने निकलते है लेकिन दिनों दिन बढते प्रदूषण की वजह से जोधपुर की हवा भी सांस योग्य नही है. जोधपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ”खराब” श्रेणी में है जो गुरूवा को लगभग 132-135 के आसपास रहा. इससे बच्चों और साँस की बीमारियों से ग्रस्त लोगों को परेशानी हो सकती है.