राजस्थान के बाड़मेर और नागौर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, खाली कराए गए परिसर

बाड़मेर/नागौर: राजस्थान के न्याय परिसरों पर आतंकी साया मंडराने की खबर से सोमवार सुबह पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया। राज्य के दो प्रमुख जिलों बाड़मेर और नागौर के कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी भरा ईमेल मिलने के तुरंत बाद प्रशासन ने मोर्चा संभालते हुए कोर्ट परिसरों को खाली करवा लिया है और सुरक्षा व्यवस्था को ‘हाई अलर्ट’ पर डाल दिया गया है।

बाड़मेर जिला न्यायाधीश के ईमेल पर आई धमकी
बाड़मेर में सोमवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब जिला न्यायाधीश के आधिकारिक ईमेल पते पर एक धमकी भरा संदेश मिला। मेल में कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही एसपी नरेंद्र सिंह मीना भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना देरी किए पूरे कोर्ट परिसर को खाली करवाया। डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्तों ने चप्पे-चप्पे की तलाशी शुरू की। गौरतलब है कि बाड़मेर में यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले 25 दिसंबर 2025 को भी कलेक्ट्रेट को इसी तरह की धमकी दी गई थी।

नागौर छावनी में तब्दील हुआ मेड़ता डीजे कोर्ट
उधर नागौर जिले के मेड़ता स्थित डीजे कोर्ट को भी ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी की गंभीरता को देखते हुए एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। कोर्ट की कार्यवाही को रोक दिया गया और वकीलों व पक्षकारों को परिसर से बाहर निकाला गया। फिलहाल मेड़ता कोर्ट परिसर पूरी तरह छावनी में तब्दील हो चुका है।

मार्च में धमकियों की ‘झड़ी’, सुरक्षा पर सवाल
मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है और राजस्थान के न्यायालयों को मिलने वाली धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तोअकेले मार्च महीने में अब तक 4 से अधिक प्रमुख न्यायालयों को निशाना बनाकर ये फर्जी ईमेल भेजे जा चुके हैं। हाल ही में बीकानेर जिला न्यायालय और लूनकरणसर कोर्ट को भी ईमेल से बम की धमकी मिली थी। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर और जयपुर बेंच को भी पिछले कुछ दिनों में मल्टीपल ईमेल थ्रेट मिल चुके हैं। फरवरी के अंत और मार्च की शुरुआत में अजमेर जिला कोर्ट भी इस तरह की फर्जी कॉल और मेल का शिकार हो चुका है।