जयपुर: राजस्थान की सड़कों पर होने वाले सड़क हादसे चिंता का विषय है। पिछले दो महीने में राज्य में कई हादसे हुए जिनमें 60 से ज्यादा लोगों की अकाल मौत हो गई। सड़क हादसों को कम करने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। यातायात नियमों की पालना सख्ती से कराई जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लाइसेंस रद्द की कार्रवाई भी की जा रही है। इसी बीच राज्य के नए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास एक नया प्लान तैयार करने में जुटे हैं। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और लोगों की जान बचाने के लिए मुख्य सचिव ने अहम बैठक ली। इस बैठक ऐसा प्लान बनाने के निर्देश दिए जो आगामी दस साल की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार होगा।
रोड सेफ्टी के लिए विशेषज्ञों की कमेटी गठित
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस के आधार पर बड़ा एक्शन प्लान बनवा रहे हैं। चूंकि वर्ष 2024 में राजस्थान में 24075 सड़क हादसे हुए। इन हादसों में 11762 लोगों की जान गई थी। हादसों में कमी लाने के लिए मुख्य सचिव ने विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाई है। इस कमेटी के सदस्यों को लक्ष्य दिया गया है कि अगले पांच साल में सड़क हादसों में 50 फीसदी की कमी होनी चाहिए। कमेटी से 10 साल आगे की यानी वर्ष 2035 की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रोड सेफ्टी ब्लू प्रिंट मांगा है।
चार विभागों से मांगा एक्शन प्लान
विशेषज्ञों की कमेटी के साथ ही सरकार के चार विभाग के अधिकारियों से भी एक्शन प्लान मांगा है। परिवहन विभाग, पुलिस (गृह) विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से भी सड़क हादसों में कमी लाने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इन चारों विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए कि चारों विभागों के अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित करते हुए प्लान तैयार करें ताकि हादसों को रोका जा सके।
एक्शन प्लान से पहले होंगे ये काम
– शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। लाइसेंस निलंबित किया जाएगा और वाहन भी जब्त किया जाएगा।
– सड़क किनारे अवैध रूप से संचालित ढाबों को हटाया जाएगा। अवैध रूप से संचालित होटलों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
– सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को हटाने के लिए अलग से प्लान तैयार किया जाएगा।
– सड़क हादसों को कम करने के लिए आईटी और एआई का इस्तेमाल किया जाएगा।
– हर ब्लैक स्पॉट के पास 24 घंटे एंबुलेंस की व्यवस्था होगी ताकि घायलों को तुरंत इलाज मिल सके।
– सड़क हादसों में घायल होने वालों का इलाज कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम के तहत किया जाएगा।
– यातायात नियमों की पालना के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
– हाईवे पर पेट्रोलिंग (गश्त) को चार गुना बढ़ाया जाएगा ताकि चालक मनमानी नहीं कर सके और नियमों का पालन करे।