राजस्थान में नागरिकता या जन्म प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं होगा

Rajasthan Aadhar Update :राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DoIT&C) ने आधार संख्या के उपयोग को लेकर नया सर्कुलर जारी किया, जिसमें ये साफ लिखा है कि आधार सिर्फ पहचान प्रमाण है, इसे नागरिकता, जन्मतिथि या निवास प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

सर्कुलर में UIDAI और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा जारी निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि अभी भी कई स्तरों पर भ्रम की स्थिति बनी रहती है, इसलिए सभी विभागों, बोर्डों और स्वायत्तशासी संस्थाओं को नई गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.

सर्कुलर में क्या लिखा है

आधार नागरिकता या डोमिसाइल का प्रमाण नहीं
आधार संख्या या इसका प्रमाणीकरण नागरिकता या निवास प्रमाण के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता

सिर्फ पहचान के लिये मान्य
आधार को पहचान के प्रमाण के रूप में तभी स्वीकार किया जा सकता है जब उसका ऑनलाइन या ऑफलाइन प्रमाणीकरण किया जाए

आधार जन्मतिथि का सबूत नहीं

UIDAI ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड, PVC कार्ड या e-Aadhaar – किसी भी रूप में आधार जन्मतिथि का प्रमाण नहीं माना जाएगा. सुप्रीम कोर्ट और कई हाईकोर्ट भी इस बात को दोहरा चुके हैं.

सभी विभागों को कड़े निर्देश
राज्य सरकार ने सभी विभागों,बोर्डों और सरकारी उपक्रमों को निर्देश दिए हैं किआधार का उपयोग केवल पहचान की पुष्टि के लिए किया जाए.इसे नागरिकता, निवास प्रमाण या जन्मतिथि के प्रमाणीकरण हेतु उपयोग न किया जाए.किसी भी योजना,सेवा या कार्य में आधार को जन्मतिथि साबित करने के दस्तावेज के रूप में ना मांगा जाए.

क्यों ज़रूरी हुआ सर्कुलर ?
सरकारी कार्यालयों में दस्तावेज़ वेरिफिकेशन के दौरान कई बार आधार को जन्मतिथि या नागरिकता प्रमाण के रूप में मांगने की शिकायतें आती थीं.UIDAI ने भी समय–समय पर स्पष्ट किया है कि आधार का उद्देश्य केवल पहचान स्थापित करना है,इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने दोबारा सख्त गाइडलाइन जारी की है.