CM भजनलाल शर्मा के काफिले को VIP ट्रीटमेंट नहीं, रेड सिग्नल पर रुका

जयपुर में मोमोज बेचने वाली गरीब लड़की के उपर गर्म पानी फेंकने के मामले को लेकर अब राजस्थान सरकार हरकत में आ गई है. राजस्थान के सीएम रविवार को आम लोगों की तरह रेड सिग्नल क्रॉस करते दिखाई दिए जिसका वीडियो भी सामने आया है. लोगों का कहना है कि पहले ही सरकार जाग जाती तो शायद युवती के साथ जलने की घटना नहीं होती.

वहीं, घटना को लेकर बढ़ते आक्रोश के बाद प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि वो घायल युवती के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी. इस मामले में आरोपी ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल नरेंद्र के खिलाफ भी एक्शन लिया गया है. कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया.

सीएम भजनलाल का काफिला आम जनता के बीच से गुजरा
दरअसल, जयपुर में पिछले हफ्ते अपना काफिला निकलने के दौरान पुलिस कर्मी द्वारा फुटपाथ पर मोमोज बेचने वाली युवती पर खौलता पानी डाले जाने की घटना के बाद वीआईपी कल्चर को लेकर राजस्थान सरकार विवादों में घिर गई. इसके बाद राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा की सरकार जागी और न केवल आरोपी पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ एक्शन लिया गया, बल्कि घायल युवती के इलाज का जिम्मा भी उठा लिया गया. वहीं, एक वीडियो भी सामने आया जहां सीएम का काफिला आम लोगों की तरह रास्ते से गुजरता दिखाई दिया.

सीएम हर सिग्नल पर रुकते नजर आये
सीएम भजनलाल रविवार को जोधपुर से लौट के बाद एयरपोर्ट से अपने आवास जा रहे थे. इस दौरान रास्ते में जो भी ट्रैफिक सिग्नल रेड थे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का काफिला उन सभी जगह पर आम लोगों की तरह रुका. एयरपोर्ट से सरकारी आवास की तकरीबन 12 किलोमीटर की दूरी में 5 से 6 रेड सिग्नल पड़े थे. सीएम भजनलाल का काफिला सभी जगहों पर लोगों की भीड़ के बीच रोका गया. इस दौरान पूरे रास्ते कहीं भी नहीं रोका गया था. सीएम का काफिला आम लोगों की भीड़ के बीच गुजरता रहा. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लोगों का कहना है कि काश अगर पहले ही वीआईपी कल्चर छोड़ दिया गया होता तो एक युवती को पुलिस की बर्बरता का शिकार न होना पड़ता.

क्या था युवती पर गर्म पानी फेकने का मामला?
गौर हो कि 19 जून को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काफिले के गुजरने के दौरान सड़क खाली कराने की कार्रवाई की जा रही थी. इसी दौरान एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर आरोप है कि उसने मोमोज के ठेले पर रखे खौलते हुए पानी को धक्का मारा और वो पानी रेशू गुप्ता पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई. घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया, जिसके बाद सरकार को एक्शन लेना पड़ा.