गहलोत ने नए मुख्य सचिव की क्षमता पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज़ में नज़र आए। जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने केंद्र और राज्य की राजनीति दोनों पर अपने तेवर साफ़ कर दिए। पीएम नरेंद्र मोदी की ‘कांग्रेस में फूट’ वाली टिप्पणी पर पलटवार करते हुए गहलोत ने कहा—“मोदीजी का बयान बकवास है। खुद की पार्टी दो साल से अध्यक्ष नहीं चुन पा रही, तो फूट कांग्रेस में है या बीजेपी में?”

नए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की नियुक्ति को लेकर गहलोत ने सावधानीपूर्ण लेकिन स्पष्ट टिप्पणी दी। उन्होंने कहा कि श्रीनिवास अच्छे इंसान हैं, उन्हें वो व्यक्तिगत रूप से जानते भी हैं, लेकिन 20 साल तक राजस्थान से बाहर रहने के कारण उनका प्रशासनिक तालमेल और अफसरों के साथ इंटरएक्शन उतना मजबूत नहीं है।

इसके विपरीत गहलोत ने पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि उनका राजस्थान को लेकर अनुभव “काफी ज्यादा और गहरा” था। पंत CMO को निरंतर सलाह और सहयोग देते रहे थे—और यही अनुभव राज्य प्रशासन के लिए मजबूत आधार बनाता था।

गहलोत ने साफ कहा कि देश में माहौल चुनौतीपूर्ण है, लेकिन कांग्रेस इन परिस्थितियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। उनका कहना था कि केंद्र सरकार “जुमलेबाजी” और “एजेंसियों के दुरुपयोग” में लगी है, जबकि विपक्ष मजबूती से एकजुट खड़ा है।

उन्होंने कहा—“हम जुमले सुनते रहते हैं, पर जनता असलियत समझ चुकी है।”

अंता विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत पर गहलोत ने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की विफलता और जनता में बढ़ती नाराजगी ने ही कांग्रेस को 15 हजार वोटों की लीड दिलाई।

गहलोत ने दावा किया कि उनकी सरकार की योजनाओं की आज भी गांवों में याद की जाती है—और लोग पश्चाताप कर रहे हैं कि “कांग्रेस की सरकार चली गई।”

पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि राज्य में बीजेपी सरकार आने के बाद से अशोक गहलोत सरकार की प्रमुख योजनाओं—अन्नपूर्णा भोजन योजना, पेंशन, स्कॉलरशिप, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा सुधार—को या तो कमजोर किया गया है या बंद कर दिया गया है।

उनके अनुसार, इससे जनता में गहरी नाराजगी है और जनसुनवाई लगभग ठप हो चुकी है।

बिहार चुनावों का जिक्र करते हुए गहलोत ने वहां भी बीजेपी और एनडीए पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि धनबल का ऐसा उपयोग हुआ जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।

गहलोत ने कहा कि महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपये भेजने की कहानी तो सिर्फ एक हिस्सा है—असल तस्वीर धीरे-धीरे खुल रही है।