जयपुर. राज्य सरकार ने आम लोगों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए आपातकालीन सेवाओं में एक बड़ा बदलाव किया है. प्रदेश में 112 नंबर पर मिलने वाली पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड सेवाओं को तेज़ और बेहतर बनाने के लिए अत्याधुनिक वॉर रूम की स्थापना की गई है. यह वॉर रूम राजधानी जयपुर के सचिवालय में बनाया गया है. इसके अलावा इसके लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे राज्य को 7 जोन में बांटा गया है. हर जोन में अलग-अलग कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं. इस पूरी व्यवस्था से अब किसी भी आपात स्थिति में मदद पहले से कहीं ज़्यादा जल्दी मिल सकेगी.
आपको बता दें कि यह अत्याधुनिक वॉर रूम में 24 घंटे और सातों दिन सक्रिय रहता है. यहां से पूरे राजस्थान में चल रही 112 आपातकालीन सेवाओं पर लगातार नजर रखी जाती है. किसी भी जिले या गांव से जैसे ही आपात कॉल आती है, उसकी जानकारी तुरंत सिस्टम में दिखाई देने लगती है. इससे बड़े हादसों या गंभीर मामलों में तुरंत फैसले लेना आसान हो जाता है.
आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया
सचिवालय के वॉर रूम को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है. इसमें डिजिटल स्क्रीन, लाइव डेटा और निगरानी सिस्टम लगाए गए हैं. इससे अधिकारी हालात को सही तरीके से समझ सकेंगे और तुरंत सही निर्णय ले सकें. किसी भी बड़ी दुर्घटना, अपराध या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में यह वॉर रूम प्रशासन को तुरंत सक्रिय करता है. राज्य को 7 जोन में बांटने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि स्थानीय स्तर पर तुरंत कार्रवाई होगी.
हर जोन में बनाया गया कंट्रोल सेंटर अपने क्षेत्र की घटनाओं को सीधे संभाला जा सकेगा. इन जोनल कंट्रोल सेंटर्स के माध्यम से पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के बीच बेहतर तालमेल बनाया गया है. पहले कई बार ऐसा होता था कि एक विभाग को जानकारी देर से मिलती थी, लेकिन अब सभी सेवाएं एक ही सिस्टम से जोड़ी गई है. जैसे ही किसी घटना की सूचना मिलती है, सभी संबंधित एजेंसियों को एक साथ अलर्ट कर दिया जाएगा. इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को समय पर सहायता देना है.
आपातकालीन सेवाओं को नई दिशा
अधिकारियों के अनुसार, सड़क हादसा हो, आग लग जाए, किसी को मेडिकल इमरजेंसी हो या कोई अन्य संकट हर स्थिति में अब प्रतिक्रिया समय कम होगा. समय पर मदद मिलने से जान बचाना आसान होगा और नुकसान भी कम किया जा सकेगा. जिससे आम जनता को सेवाएं बेहतर तरीके से दी जा सके. ऐसे में जयपुर सचिवालय का वॉर रूम और 7 जोनल कंट्रोल सेंटर राजस्थान की आपातकालीन सेवाओं को एक नई दिशा देगा.