राजस्थान में अब तक 941 शिविर आयोजित, 13 विभागों की योजनाओं का एक ही स्थान पर लाभ

जयपुर. राज्य सरकार की ओर से आयोजित किए जा रहे ‘ग्राम उत्थान शिविर’ गांवों के सर्वांगीण विकास का प्रभावी माध्यम बनकर उभरे हैं। प्रथम चरण के केवल तीन दिनों में प्रदेशभर में 941 शिविरों का आयोजन कर लाखों ग्रामीणों को 13 विभागों की योजनाओं की जानकारी और सीधा लाभ उपलब्ध कराया गया।
इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रत्येक गिरदावर सर्किल में शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर 23 जनवरी से शुरू हुए इन शिविरों में आवेदन तैयार करने से लेकर दस्तावेज़ सत्यापन और लाभ वितरण तक की प्रक्रिया मौके पर ही पूरी की जा रही है।

कृषि विभाग द्वारा लाखों किसानों को फसल बीमा, एमएसपी, सॉयल हेल्थ कार्ड, बीज वितरण और मिनी किट का लाभ दिया गया। पशुपालन विभाग ने पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा, टीकाकरण, बीमा पंजीकरण और कृत्रिम गर्भाधान जैसी सेवाएं उपलब्ध कराईं। सहकारिता विभाग ने किसान क्रेडिट कार्ड, नए बैंक खाते, डेयरी सहकारी समितियों का पंजीकरण और ऋण योजनाओं की जानकारी प्रदान की।

ऊर्जा विभाग ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत हजारों आवेदन भरवाए, जिससे ग्रामीण परिवार सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बन सकें। पंचायती राज विभाग ने स्वामित्व कार्ड वितरित कर ग्रामीणों को संपत्ति अधिकार मजबूत किए। शिविरों में रोजगार, डिजिटल सेवाएं, जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रस्ताव भी तैयार किए गए।

इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही। महिलाओं की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जिससे सामाजिक जागरूकता और सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। द्वितीय चरण में फरवरी माह में भी शिविरों का आयोजन किया जाएगा।