राजस्थान के दौसा में डेपुटेशन पर लगा लैब सहायक सस्पेंड; ACB ट्रैप के बाद निलंबन

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज होती दिख रही है। इसी कड़ी में दौसा जिले में एक प्रयोगशाला सहायक को रिश्वत लेने के मामले में सस्पेंड कर दिया गया है। आरोपी कर्मचारी को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कुछ दिन पहले रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। अब विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया है।

शिक्षा विभाग की कार्रवाई, DEO ने जारी किया आदेश
जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अशोक शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बसवा में कार्यरत प्रयोगशाला सहायक आदित्य कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आरोपी 20 अप्रैल से पुलिस और न्यायिक हिरासत में है, जिसके चलते सेवा नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि के दौरान उसका मुख्यालय सीबीईओ कार्यालय, महवा निर्धारित किया गया है।

2020 से डेपुटेशन पर SDM ऑफिस में था तैनात
जानकारी के अनुसार, आदित्य कुमार वर्ष 2020 से डेपुटेशन पर बांदीकुई के एसडीएम कार्यालय में कार्यरत था। वहीं रहते हुए उसने जमीन से जुड़े एक मामले में रिश्वत की मांग की, जो अंततः उसके खिलाफ कार्रवाई का कारण बनी।

ACB की ट्रैप कार्रवाई में रंगे हाथ पकड़ा गया
मामले की शुरुआत 17 अप्रैल को ACB की हेल्पलाइन पर मिली शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि जमीन पर स्टे दिलाने की कार्रवाई के एवज में एसडीएम कार्यालय का कर्मचारी 30 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद ACB की टीम ने मामले की जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए।

जांच के दौरान आरोपी और परिवादी के बीच सौदा 20 हजार रुपए में तय हुआ। इसके बाद सोमवार दोपहर ACB टीम ने ट्रैप की कार्रवाई करते हुए आरोपी को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पूरी प्रक्रिया को नियमों के तहत रिकॉर्ड किया गया।

ACB के डीएसपी ने दी जानकारी
अलवर ACB के डीएसपी शब्बीर खान ने बताया कि शिकायत की पुष्टि होने के बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया गया। आरोपी ने परिवादी को एसडीएम कार्यालय में बुलाकर रिश्वत ली, उसी दौरान टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

SDM की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस पूरे मामले में एक अहम पहलू यह भी सामने आया है कि आरोपी कर्मचारी कथित रूप से रिश्वत की रकम एसडीएम के नाम पर मांग रहा था। डीएसपी ने बताया कि परिवादी की शिकायत में इस बात का जिक्र है, इसलिए एसडीएम की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती
राजस्थान में हाल के समय में ACB लगातार सक्रिय नजर आ रही है और विभिन्न विभागों में रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर एजेंसियां सख्त हैं और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।