मध्य प्रदेश में कुत्तों का आतंक, 1 आवारा कुत्ते ने 40 को काट खाया, अस्पताल में मची चीख-पुकार

सतना: मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों का आतंक थमता नजर नहीं आ रहा है. बुधवार को सतना जिले में एक ही आवारा कुत्ते ने करीब 40 लोगों को काट खाया. एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आवारा कुत्ते के काटने से जख्मी हुए करीब 40 लोग जिला अस्पताल पहुंचे, जहां सभी का इलाज चल रहा है. पीड़ितों को डाक्टरों द्वारा एंटी रैबीट का टीका लगा जा रहा है.

राज्य सरकार ने साल 2030 तक भोपाल समेत इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम जिले को रैबीज मुक्त करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन अकेले ग्वालियर शहर में पिछले एक साल में कुत्तों के काटने से घायल हुए 81, 754 लोगों के आंकड़े डराते हैं, जो आवारा कुत्तों के रोकथाम के लिए किए गए सरकारी वादों को पलीता लगा रहे हैं.

गहरा नाला से अस्पताल चौक के बीच एक ही कुत्ते ने कुल 40 लोगों को काटा
सतना जिला अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. शरद दुबे ने बताया कि जिला अस्पताल में इलाज के लिए बुधवार को कुल 40 मरीज पहुंचे, जिन्हें शाहर के एक ही कुत्ते ने काटा है. उनके मुताबिक शहर के गहरा नाला से लेकर अस्पताल चौक के बीच उस कुत्ते ने लगभग 40 लोगों को काटा और जिला अस्पताल में सभी घायलों को एंटी रैबीज का टीका लगाया जा रहा है.

भूरे रंग के आवारा कुत्ते ने पीड़ित के सामने 8-10 लोगों को शिकार बनाया
आवारा कुत्ते के काटन से घायल हुए पीड़ित सुंदरलाल साकेत ने बताया कि वह अस्पताल चौक के पास चाय पीने आया हुआ था, जहां घूम रहे एक भूरे रंग के कुत्ते ने उन्हें काट लिया. उसने कहा, “मैं किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा. मेरे बाद उसे कुत्ते ने लगातार करीब 8-10 लोगों को मेरे सामने शिकार बनाया. इससे पहले इंदौर के महू में एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जब एक कुत्ते ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया था.

आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए मध्य प्रदेश में सख्त नियम और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) हाल में जारी की गई है. यह एसओपी मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद बनाई है और प्रत्येक जिले में आवारा पशुओं के प्रबंधन के लिए विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैंं.

एमपी में आवारा कुत्तों की संख्या 10 लाख से अधिक, सर्वाधिक इंदौर में हैं
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) की एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों की संख्या 10 लाख से अधिक है. इनमें आर्थिक राजधानी इंदौर में आवारा कुत्तों की संख्या सबसे ज्यादा है और इंदौर में आवारा कुत्तों के काटने के सर्वाधिक मामले भी दर्ज हुए हैं. इसके बाद राजधानी भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और जिले में आवारा कुत्तों की तादाद ज्यादा है.