जयपुर। राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (RERC) ने राज्य की तीनों बिजली कंपनियों जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम के लिए साल 2026-27 का टैरिफ जारी कर दिया है। आदेश के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के बेसिक बिजली रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन सरचार्ज और अन्य चार्जेज लागू रहेंगे। इसके साथ ही सबसे बड़ा फैसला ईवी चार्जिंग स्टेशनों पर फिक्स चार्ज खत्म करने का है, जिससे चार्जिंग लागत कम होगी।
नया टैरिफ 1 अप्रैल से लागू हो चुका है। इसमें सरचार्ज जारी रखने के साथ ही सोलर और इंडस्ट्री से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव किए गए हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए क्या बदला
घरेलू श्रेणी में पहले 50 यूनिट तक 4.75 रुपए प्रति यूनिट, 50 से 150 यूनिट तक 6 रुपए और 150 से 500 यूनिट तक 7 रुपए प्रति यूनिट की दर जारी रहेगी। 500 यूनिट से ऊपर खपत पर 7.50 रुपए प्रति यूनिट देने होंगे।
फिक्स्ड चार्ज भी पहले की तरह ही रखे गए हैं, यानी उपभोक्ताओं पर सीधे रेट बढ़ोतरी का असर नहीं है। बिजली कंपनियों के पुराने घाटे की वसूली के लिए रेगुलेटरी सरचार्ज जारी रहेगा। यानी उपभोक्ताओं को यह अतिरिक्त चार्ज पहले की तरह देना होगा।
आयोग ने कुछ सरचार्ज तय किए हैं, जो बिल में अलग से जुड़ेंगे। ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं पर क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज 1.48 रुपए प्रति यूनिट रहेगा। इसके अलावा 0.50 रुपए प्रति यूनिट का एडिशनल सरचार्ज भी लागू होगा।
रेगुलेटरी सरचार्ज के तहत 100 यूनिट तक खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर 0.70 रुपए प्रति यूनिट और बाकी उपभोक्ताओं पर 1 रुपए प्रति यूनिट का अतिरिक्त चार्ज लगेगा। ग्रीन एनर्जी लेने पर सामान्य दर के ऊपर 0.05 रुपए प्रति यूनिट अतिरिक्त देना होगा।
EV चार्जिंग पर अब नहीं लगेगा फिक्स चार्ज
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पहली बार EV चार्जिंग स्टेशनों पर फिक्स चार्ज समाप्त कर दिया गया है। अब तक इन कनेक्शनों पर 150 रुपए प्रति KVA तक फिक्स चार्ज लिया जाता था, जो अब नहीं लगेगा। इससे चार्जिंग स्टेशनों का खर्च कम होगा और इसका फायदा सीधे EV यूजर्स को मिलेगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन के लिए 6 रुपए प्रति यूनिट दर रखी गई है और इसमें फिक्स्ड चार्ज नहीं लगेगा, जिससे EV इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा।
दिन के समय के हिसाब से भी चार्ज
10 किलोवॉट से ज्यादा लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफ डे (TOD) लागू रहेगा। सुबह 6 से 8 बजे तक 5% अतिरिक्त चार्ज, दोपहर 12 से 4 बजे तक 10% छूट और शाम 6 से रात 10 बजे तक 10% अतिरिक्त चार्ज देना होगा।
स्ट्रीट लाइट को TOD से छूट, बड़े कनेक्शनधारियों को राहत
स्ट्रीट लाइट कनेक्शनों को टाइम ऑफ डे (TOD) नियमों से बाहर रखा गया है, जिससे नगरीय निकायों का खर्च कम होगा। इसके अलावा जिन उपभोक्ताओं की डिमांड 50 किलो वाट एम्पियर (KVA) से ज्यादा हो जाती है और सप्लाई HT से LT पर शिफ्ट करनी पड़ती है, उन्हें भी राहत दी गई है। पहले यह छूट दो बार तक थी, जिसे अब बढ़ाकर तीन बार कर दिया गया है। इसके बाद बदलाव करने पर खुद का ट्रांसफार्मर लगाना होगा।
मीडियम इंडस्ट्री को 30 पैसे प्रति यूनिट की राहत
मध्यम श्रेणी के औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर 6.30 रुपए प्रति यूनिट से घटाकर 6 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। इससे इन उद्योगों को सीधे 30 पैसे प्रति यूनिट की राहत मिलेगी और वे अन्य छूटों का ज्यादा फायदा ले सकेंगे।
लार्ज इंडस्ट्री के लिए बिजली दर 6.50 रुपए प्रति यूनिट रखी गई है, जबकि फिक्स्ड चार्ज 380 रुपए प्रति केवीए रहेगा। मीडियम इंडस्ट्री में भी लगभग यही दरें लागू रहेंगी। स्मॉल इंडस्ट्री (500 यूनिट तक) के लिए 6 रुपए प्रति यूनिट और उससे ऊपर भी यही दर जारी रहेगी। वहीं मिक्स्ड लोड (कॉमर्शियल+अन्य) के लिए 7.50 रुपए प्रति यूनिट तय किया गया है।
वोल्टेज और नेटवर्क चार्ज भी तय
उच्च वोल्टेज पर बिजली लेने वाले उपभोक्ताओं को 3% से 5% तक छूट मिलेगी। वहीं व्हीलिंग चार्ज 0.01 रुपए से 1.93 रुपए प्रति यूनिट तक वोल्टेज के हिसाब से तय किए गए हैं।
सरकार को डिस्कॉम घाटा कम करने की सलाह
आयोग ने साफ कहा कि डिस्कॉम का पुराना घाटा 7 साल में खत्म करना होगा। इसके लिए मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया जाए और सरचार्ज का पैसा सिर्फ घाटा कम करने में लगे। सरकार से सब्सिडी समय पर देने, टास्क फोर्स बनाने, उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (UDAY) लोन का ब्याज कम करने, किसानों के लिए लोड सुधार स्कीम लाने और पावर सेक्टर में बेहतर कोऑर्डिनेशन बनाने की सलाह दी गई है। साथ ही डिजिटल स्किल डेवलपमेंट, सेफ्टी नियमों का पालन और जोधपुर डिस्कॉम को अतिरिक्त मदद देने पर भी जोर दिया गया है।
आयोग ने इस बार बेस टैरिफ में बदलाव नहीं किया है, लेकिन सरचार्ज और अन्य चार्ज के जरिए डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति सुधारने की कोशिश की गई है। इससे उपभोक्ताओं के बिल में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
सोलर को मिलेगा बढ़ावा
वहीं, रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए नेट बिलिंग व्यवस्था को जारी रखा गया है, जिससे सोलर उपभोक्ताओं को राहत मिलती रहेगी।