सिरोही: राजस्थान के सिरोही जिले में नव नियुक्त जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर कार्यभार संभालने के बाद लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. रविवार (5 अप्रैल) की छुट्टी के दिन भी उनका सख्त प्रशासनिक अंदाज देखने को मिला. सुबह पिंडवाड़ा में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेने के बाद उन्होंने फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. वहीं सिरोही शहर में अन्नपूर्णा रसोई, सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण, रैन बसेरा और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर मौके पर ही अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए. रविवार को कलेक्टर ने पिंडवाड़ा पंचायत समिति सभागार में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली. बैठक में राज्य सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई.
अधिकारियों को कलेक्टर ने लगाई फटकार
अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, लाभार्थियों तक पहुंच और लंबित कार्यों की जानकारी ली गई. बैठक के दौरान कुछ अधिकारी अधूरी तैयारी के साथ पहुंचे, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए उन्हें फटकार लगाई. उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर अधिकारी को पूरी तैयारी के साथ जवाबदेही निभानी होगी.
बैठक के बाद कलेक्टर सीधे पिंडवाड़ा कस्बे के फील्ड विजिट पर निकले. उन्होंने विभिन्न विभागों से जुड़ी जमीनी व्यवस्थाओं की मौके पर जांच की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान सड़क व्यवस्था, सफाई, यातायात और आमजन सुविधाओं की स्थिति को परखा गया. कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि योजनाओं और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति फाइलों से नहीं, बल्कि मौके पर जाकर ही समझी जा सकती है.
भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई का किया निरीक्षण
पिंडवाड़ा रवाना होने से पहले कलेक्टर ने सिरोही शहर स्थित अन्नपूर्णा रसोई पहुंचकर आमजन के साथ भोजन किया. उन्होंने स्वयं भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था और रसोई संचालन का निरीक्षण किया. भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक बनाए रखने के साथ स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश संबंधित कार्मिकों को दिए गए.
जिला कलेक्टर ने शहर के निरीक्षण के दौरान बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग/बैनर हटाने ,सफाई कर्मचारियों को निर्धारित यूनिफॉर्म पहन कर कार्य करने, शौचालय की दिन में दो बार सफाई करने तथा आश्रय स्थल का रात्रिकालीन निरीक्षण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए. उन्होंने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में प्वाइंट से कचरा नहीं उठाने पर संवेदक पर 20 हजार रुपए की पेनल्टी लगाने तथा पीडब्ल्यूडी ऑफिस के सामने अन्नपूर्णा रसोई में निर्धारित प्लेट्स में भोजन परोसना सुनिश्चित करने व संचालक पर 10 हजार रुपए की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए.
हाथ में शहर का नक्शा लेकर निकले कलेक्टर
इस दौरान उपखंड अधिकारी हरिसिंह देवल समेत संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे. इसके बाद कलेक्टर हाथ में शहर का नक्शा लेकर सिरोही शहर के विभिन्न क्षेत्रों के निरीक्षण पर निकले. उन्होंने शहर की भौगोलिक स्थिति को समझते हुए अतिक्रमण, लचर सफाई व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं, रैन बसेरा और इंदिरा रसोई की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. सरजावाव दरवाजे पर आम लोगों और व्यापारियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया.
निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने दिन में दो बार नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश सफाई निरीक्षक को दिए. व्यापारियों से भी शहर को स्वच्छ बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई.
पुलिस को दिया सख्त निर्देश
ट्रैफिक पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए कि शहर में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों पर निगरानी रखी जाए, नियम उल्लंघन करने वालों का चालान कर वाहनों को सीज किया जाए और बिना सक्षम अनुमति के छोड़ा नहीं जाए.
कुल मिलाकर, नए जिला कलेक्टर का यह सुपर संडे एक्शन प्रशासनिक महकमे के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि अब जिले में लापरवाही, ढिलाई और अव्यवस्था पर सख्त कार्रवाई होगी. लगातार बैठकों, फील्ड विजिट और मौके पर लिए जा रहे फैसलों से यह साफ है कि सिरोही प्रशासन अब व्यवस्थाओं को लेकर पूरी गंभीरता के साथ काम करता नजर आएगा.