राजस्थान में गुरुवार को मानसून की एंट्री हो गई। प्रदेश में 7 दिन की देरी से मानसून पहुंचा है। मानसून ने 12 जिलों झालावाड़, कोटा, बूंदी, भरतपुर, बारां, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा, जयपुर, टोंक और अलवर में प्रवेश कर लिया है।
मौसम विभाग ने राज्य में अगले तीन दिन बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं, राज्य के दूसरे हिस्सों में भी मानसून के जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है। इस सीजन मानसून औसत से कम बरसने का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग ने 4 महीने (1 जून से 30 सितंबर) का मानसून सीजन माना है। राजस्थान में मानसून की एंट्री का समय 25 जून निर्धारित है, जबकि विदाई का समय 17 सितंबर निर्धारित है। पीक समय जुलाई और अगस्त माना जाता है। बता दें कि इस बार देश में मानसून केरलम में निर्धारित समय से 4 दिन की देरी से एंटर हुआ था।
औसत से कम बारिश का पूर्वानुमान
राजस्थान में इस बार मानसून सीजन कमजोर रहने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने राज्य में इस बार औसत से 10 फीसदी या उससे भी कम बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। राज्य में एक मानसून सीजन (1 जून से 30 सितंबर तक) में औसत 435.6MM बरसात होती है।
17 साल में 11 बार देरी से आया मानसून
राजस्थान में साल 2019 तक मानसून के प्रवेश का सामान्य समय 15 जून निर्धारित था। साल 2010 से 2019 तक केवल एक बार (साल 2013 में) ही निर्धारित समय पर मानसून राजस्थान में आया। जबकि 9 बार देरी से प्रवेश किया।
इसके बाद केंद्रीय मौसम विज्ञान ने डेटा का रिव्यू किया और उसके आधार पर साल 2020 से मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख को 25 जून घोषित किया। साल 2020 से 2026 तक केवल दो बार (साल 2022 और 2026) मानसून देरी से राजस्थान में आया, जबकि 5 बार समय पर या उससे पहले मानसून की एंट्री हुई।
जानें साल 2025 में कैसा रहा मानसून
राजस्थान में साल 2025 में मानसून सीजन (1 जून से 30 सितंबर तक) में कुल 715.9MM बरसात हुई, जो औसत बारिश (435.6MM) से 64 फीसदी ज्यादा रही। राज्य में ये दूसरा मौका था, जब मानसून सीजन में इतनी बरसात हुई। पिछले साल हुई इस बारिश ने 108 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था। राजस्थान के इतिहास में अब तक मानसून की सबसे ज्यादा बरसात साल 1917 में 844.2MM दर्ज हुई है।
पिछले साल राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ आ गई थी। बूंदी, दौसा, कोटा, सवाई माधोपुर, टोंक, बारां अतिवृष्टि से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे थे। बूंदी के नैनवां में पिछले सीजन में एक दिन में सर्वाधिक पानी बरसा था। यहां 23 अगस्त 2025 को 24 घंटे के दौरान 502MM बारिश दर्ज हुई थी। जबकि 20 अन्य ऐसे शहर या कस्बे रहे, जहां एक दिन में 200MM से लेकर 310MM तक बरसात हुई थी।
जिलेवार स्थिति देखें तो पिछले साल श्रीगंगानगर, नागौर, हनुमानगढ़, टोंक, सवाई माधोपुर और दौसा में औसत से दोगुनी बारिश हुई थी। चूरू, सीकर, धौलपुर, बूंदी, बारां और अजमेर ऐसे जिले रहे, जहां औसत से 90 से 98 फीसदी ज्यादा पानी बरसा।