Rajasthan Government Project: जयपुर-अजमेर हाईवे पर महापुरा के पास बनी 200 करोड़ रुपये की भव्य क्लोवर लीफ इंटरचेंज सोमवार से आम जनता के लिए खोल दी जाएगी. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सफल लोड टेस्ट के बाद इसे यातायात के लिए पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया है. इस इंटरचेंज से जयपुर-अजमेर हाईवे (NH-48) और आउटर रिंग रोड के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा, जिससे रोजाना करीब 30 हजार वाहनों को फायदा होगा.
सोमवार से शुरू होगा वाहनों का परिचालन
एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, क्लोवर लीफ का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद हाल ही में इसका लोड टेस्ट सफलतापूर्वक किया गया. परीक्षण में पुल पर एक साथ 40-40 टन से अधिक वजन वाले चार भारी डंपर खड़े किए गए, जिन्हें इंटरचेंज ने बिना किसी समस्या के सहन किया. सभी तकनीकी मानकों पर खरा उतरने के बाद अब सोमवार से यहां वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी.
30,000 वाहनों को मिलेगा सीधा लाभ, 5 किमी दूरी होगी कम
यह क्लोवर लीफ जयपुर-अजमेर हाईवे को सीधे रिंग रोड (आगरा-टोंक रोड) से जोड़ेगी. अब अजमेर की ओर से आने वाले वाहनों को रिंग रोड पर जाने या वहां से आने के लिए बगरू इंडस्ट्रियल एरिया के अंदर से घूमने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे करीब 5 किलोमीटर की दूरी और 10-15 मिनट का समय बचेगा. महापुरा पुलिया के नीचे से गुजरने की मजबूरी खत्म हो जाएगी. रिंग रोड से भांकरोटा, 200 फीट बाइपास होते हुए सीकर बाइपास या दिल्ली जाने वाले वाहनों को अब जयपुर शहर के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे शहर के यातायात का बोझ काफी कम होगा और ईंधन की भी बचत होगी.
भीषण अग्निकांड के बाद उठी थी जरूरत
इस क्लोवर लीफ की आवश्यकता सबसे पहले भांकरोटा क्षेत्र में हुए एक भीषण अग्निकांड के बाद महसूस की गई थी. उस हादसे में दमकल और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन गाड़ियों को पहुंचने में भारी दिक्कत हुई थी. इसके बाद बेहतर कनेक्टिविटी की मांग जोर पकड़ गई और इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू हुआ. अब यह नया इंटरचेंज जयपुर की यातायात व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है.
जयपुरवासियों और रोजाना हाईवे से गुजरने वाले यात्रियों के लिए यह सौगात सर्दियों से पहले बड़ी राहत लेकर आई है. सोमवार से जैसे ही यह इंटरचेंज खुलेगा, जयपुर-अजमेर और रिंग रोड का सफर तेज, सुरक्षित और सुगम हो जाएगा.