राजस्थान में 1 जून से नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, हड़ताल का एलान-मचा हडकंप

No Petrol or Diesel in Rajasthan from June 1st; Strike Announced—Sparks Panic

जयपुर। राजस्थान में पेट्रोल पंप संचालकों ने एक जून से हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। पंप संचालकों का कहना है कि सरकारी तेल कंपनियों ( भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम एवं इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन) ने पेट्रोल पंप संचालकों पर पेट्रोल एवं डीजल बेचने की अलग-अलग लिमिट तय की है।

साथ ही कंपनियां पेट्रोल पंपों से ब्रांडेड फ्यूल बेचने को लेकर दबाव बना रही है। वहीं आम उपभोक्ता सामान्य पेट्रोल एवं डीजल की मांग करता है। ऐसा नहीं करने पर पट्रोल पंपों पर नियमित आपूर्ति नहीं की जा रही है।

पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र भाटी ने आरोप लगाया कि तेल कंपनियां एवं सरकारी विभाग पंप संचालकों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।

राज्य सरकार का माप-तोल विभाग के अधिकारी पेट्रोल -डीजल कम मात्रा में देने का आरेाप लगाकर बेवजह परेशान करते हैं। भाटी ने कहा कि काफी समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों के समय वाहनों में उधार दिए गए डीजल का भुगतान अब तक नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों को खेती के लिए जनरेटर, इंजन संचालित करने के लिए डीजल की आवश्यक्ता होती है। लेकिन तेल कंपनियों ने ड्रमों में डीजल देने पर रोक लगा दी है।

उन्होंने कहा, लगातार पेट्रोल,डीजल एवं सीएनजी की दर बढ़ाने से भी पेट्रोल पंप संचालकों को नुकसान हो रहा है। आम लोग वाहनों का उपयोग कम करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि तेल कंपनियों एवं सरकार की नीतियों के विरोध में एक जून से हड़ताल का फैसला किया गया है।

110 पेट्रोल पंपों पर अनियमितता
राज्य सरकार के खाद्ध विभाग की ओर से 13 से 18 मई तक चलाए गए अभियान में राज्य के विभिन्न जिलों में 226 पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया गया। इनमं से 110 पेट्रोल पंपों पर विभिन्न प्रकार की अनियमितता मिली है। 60 पेट्रोल पंपों पर कम पेट्रोल व डीजल देने की बात सामने आई है। 103 पेट्रोल पंपों के नोजल सीज किए गए हैं।