जयपुर: राज्य के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा एक बार फिर पुराने तेवर में आ गए हैं। बीते साल उन्होंने जयपुर, अजमेर और बीकानेर सहित कई जिलों में नकली खाद और बीज की फैक्ट्रियां पकड़ी थी। जुलाई और सितंबर 2025 में उन्होंने एक दर्जन से ज्यादा फर्जी फेक्ट्रियों पर दबिश देकर नकली खाद और बीज के हजारों कट्टे सीज करवाए। एक दर्जन से ज्यादा एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। अब डॉ. मीणा एक बार फिर उसी तेवर में आ गए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट के बीच डॉ. मीणा के एक्शन पर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
फिर क्यों एक्टिव हो गए बाबा
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा करीब छह महीने के अंतराल के बाद फिर से एक्टिव मोड में आए हैं। उनके इस मोड में आने बीते कुछ महीनों से राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं चल रही है। कुछ मंत्रियों की छुट्टी होने और कुछ के विभाग बदलने की चर्चाएं हैं। इन्हीं चर्चाओं के बीच डॉ. किरोड़ीलाल मीणा फिर से एक्टिव हुए हैं। हो सकता है कि मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्रियों की परफॉर्मेंस को ध्यान में रखा जाएगा। ऐसे में बाबा अपनी परफॉर्मेंस को और मजबूत करने में जुट गए हैं।
एक्टिव मंत्रियों में शुमार हैं डॉ. किरोड़ीलाल मीणा
भले ही मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट के बीच बाबा एक बार फिर आक्रामक हुए हों लेकिन उनका यह अंदाज नया नहीं है। डॉ. किरोड़ीलाल मीणा प्रदेश के सबसे सक्रिय मंत्रियों में अग्रणी हैं। उन्हें मंत्री पद जाने का कोई खतरा नहीं है लेकिन राजनैतिक गलियारों में लोग इस तरह की चर्चाओं को फैला रहे हैं।
मेरे लिए पद से बड़ा कर्तव्य है
पिछले साल जब डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने नकली खाद बनाने वाली दर्जनों फैक्ट्रियों पर छापेमारी की। तब कांग्रेस के नेताओं ने सवाल उठाए कि सरकार के मंत्री ही सरकार की पोल खोल रहे हैं। तब डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि वे किसानों के हित के लिए काम कर रहे हैं। पद भले ही मंत्री का हो लेकिन कर्तव्य से बड़ा पद नहीं हो सकता। अगर किसानों के साथ धोखाधड़ी हो रही है तो उनका मंत्री होना बेकार है।
अफसरों ने किया गुमराह, इसलिए खुद उतरा मैदान में
चार महीने पहले विधानसभा के बजट सत्र के दौरान डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने साफ कहा कि विभाग के अफसरों ने उन्हें गुमराह किया था। ऐसे में वे खुद फील्ड में उतरे। जब वे फील्ड में गए तो हैरान रह गए। दर्जनों फेक्ट्रियों में हजारों क्विंटल नकली खाद और बीज तैयार किया जा रहा था। उस पर रोक लगाना और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना मेरा दायित्व था।