राजस्थान में बैलेट से होंगे पंच-सरपंच चुनावः जानें पूरी खबर विस्तार से

जयपुर। राजस्थान में इस बार पंच और सरपंचों के चुनाव ईवीएम से नहीं होंगे। पंच, सरपंच के चुनाव बैलेट ( मतपत्र) से होंगे। केवल जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ही ईवीएम से करवाए जाएंगे।

जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनावों में भी कई जगह ईवीएम कम पड़ने पर उनके चुनाव भी कुछ जगहों पर बैलेट बॉक्स से करवाने की तैयारी रखने को कहा गया है। प्रदेश में पिछले 3 बार से पंच, सरपंच सहित पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव ईवीएम से होते रहे हैं। पिछले चुनाव ईवीएम से हुए थे।

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंच-सरपंच के चुनाव मतपेटियों (बैलेट बॉक्स) से करवाए जाने का हवाला देते हुए इनकी मरम्मत, ऑयलिंग, ग्रीसिंग का काम जल्द पूरा करवाने के निर्देश दिए हैं। जिन जिलों को एक्स्ट्रा बैलेट बॉक्स चाहिए, उनको राज्य निर्वाचन आयोग उपलब्ध करवाएगा।

मध्यप्रदेश से मंगवाई ईवीएम केंद्रीय चुनाव आयोग ने राज्य निर्वाचन आयोग को राजस्थान के कोटे की ईवीएम मशीनों का आवंटन कर दिया है। मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के पास उपलब्ध ईवीएम मशीनें भी राजस्थान को देने की मंजूरी मिल गई है।

राजस्थान को जल्द ही मध्यप्रदेश से ईवीएम मशीनों का आवंटन हो जाएगा। इन ईवीएम मशीनों की इलेक्ट्रॉ​निक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ​लिमिटेड के इंजीनियरों से फर्स्ट लेवल तकनीकी जांच करवाई जाएगी। यह जांच फरवरी में पूरी हो जाएगी। आयोग ने इसकी तैयारियां करने को कहा है।

25 फरवरी को पंचायत चुनावों के लिए फाइनल वोटिंग लिस्ट, इसके बाद भी जुड़ेंगे नाम राज्य निर्वाचन आयोग 31 दिसंबर 2025 की पुरानी वोटर लिस्ट को आधार बनाकर उसे अपडेट करवा रहा है। इससे पंचायत चुनावों की वोटर लिस्ट अपडेट की जा रही है। 25 फरवरी को पंचायतीराज चुनाव के लिए फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन होना है।

आयोग के निर्देश के मुताबिक वोटर लिस्ट का फाइनल प्रकाशन होने के बाद भी नाम जुड़ सकेंगे। लोकसूचना जारी होने तक लगातार वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, नाम हटाने और गलतियों को सुधारने के लिए संशोधन का काम जारी रखने को कहा है।

कलेक्टरों से मांगी ​रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की लिस्ट राज्य निर्वाचन आयोग ने कलेक्टरों से ​रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की लिस्ट मांगी है। जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों, जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख के चुनाव के लिए कलेक्टर को रिटर्निंग अधिकारी होंगे।

अब सहायक रिटर्निंग अधिकारी का फैसला आयोग अलग से करेगा। पंचायत समिति सदस्य के चुनावों के लिए कलेक्टर के स्तर से ही रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति का प्रावधान है।

पोलिंग पार्टियों में शामिल कर्मचारियों की दो बार ट्रेनिंग होगी मतदान दलों ( पोलिंग पार्टियों) को दो बार ट्रेनिंग दी जाएगी। पोलिंग पार्टियों के कर्मचारियों की दूसरी ट्रेनिंग वोटिंग से कम से कम 10 दिन पहले तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

पिछले पंचायत चुनाव में खर्चे का ब्योरा नहीं देने वाले पंच-सरपंचों के दोबारा चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है। राज्य चुनाव आयोग ऐसे प्रत्याशियों की सूची मंगाने के लिए जल्द ही जिला कलेक्टरों के दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।