जयपुर. राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिलने उनके 13 सिविल लाइंस स्थित निवास पर पहुंचे. इस मुलाकात के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी मौजूद रहे. तीनों नेताओं के बीच अंता विधानसभा उपचुनाव को लेकर लंबी चर्चा हुई. सूत्रों का कहना है कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि चुनावी रणनीति को लेकर बेहद अहम रही.
भाजपा में अंता उपचुनाव के प्रत्याशी को लेकर पिछले कुछ दिनों से गहन मंथन चल रहा है. कांग्रेस पहले ही प्रमोद जैन भाया को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है, जिसके बाद अब बीजेपी पर दबाव बढ़ गया है कि वह भी जल्द अपना उम्मीदवार घोषित करे. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री, वसुंधरा राजे और मदन राठौड़ की इस बैठक में संभावित प्रत्याशियों के नामों पर विचार हुआ और अंतिम निर्णय को लेकर दिल्ली हाईकमान को फीडबैक भेजा गया है.
अंता उपचुनाव के लिए रणनीति पर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने अंता में कुछ मजबूत नामों पर चर्चा की है. इनमें स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेताओं से लेकर संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं. प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर संगठन और सरकार के समन्वय पर चर्चा की. वहीं, सीएमआर में हुई इस बातचीत को राजस्थान भाजपा की आगे की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
राजे और भजनलाल की मुलाकात के सियासी संकेत
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि वसुंधरा राजे से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मुलाकात का संदेश भी दूर तक जाएगा. हाल के दिनों में दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात संगठनात्मक एकजुटता को दिखाने का संकेत मानी जा रही है. भाजपा सूत्रों का दावा है कि अंता उपचुनाव के लिए प्रत्याशी का नाम जल्द ही घोषित किया जाएगा और दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही अभियान शुरू कर दिया जाएगा. जयपुर में मंगलवार को हुई यह बैठक आने वाले दिनों में राजस्थान की सियासत की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है.