राजस्थान का लाल बबलू सिंह शहीद, 7 महीने पहले ही हुई थी शादी, उमड़ा जन सैलाब

Rajasthan's son Bablu Singh martyred, married only 7 months ago, huge crowd gathered

चूरू: राजस्थान के चूरू जिले ने एक और जांबाज सपूत खो दिया। रिडख़ला गांव के 28 वर्षीय जवान बबलू सिंह, जो 27 राजपूत रेजीमेंट में तैनात थे, असम के तेजपुर में ट्रेनिंग के दौरान घायल हो गए और इलाज के दौरान शहीद हो गए।

तिरंगे में लिपटा शहीद, गम में डूबा गांव

शुक्रवार दोपहर जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो ‘भारत माता की जय’ और ‘बबलू सिंह अमर रहे’ के नारों से वातावरण गूंज उठा। सात महीने पहले ही उनकी शादी जयपुर की काजल से हुई थी। शव देखते ही पत्नी और मां बेसुध हो गईं। पिता मोहर सिंह पहले से ही बिस्तर पर हैं, बेटे की विदाई ने पूरे परिवार को तोड़ दिया।

सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

गांव में तिरंगा यात्रा निकाली गई और युवाओं ने देशभक्ति के नारे लगाए। सेना की टुकड़ी ने राइफल सलामी दी और चाचा को तिरंगा सौंपा। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

चूरू के जवान के साथ कैसे हुआ हादसा

12 सितंबर को तेजपुर में ट्रेनिंग के दौरान अचानक पेड़ की डाल गिरने से बबलू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के लिए उन्हें तेजपुर और बाद में गुवाहाटी मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया, जहां 24 सितंबर को उन्होंने अंतिम सांस ली।

परिवार का इकलौता सहारा

बबलू मार्च 2017 में सेना में भर्ती हुए थे और परिवार के इकलौते सहारे थे। उनकी शहादत ने जहां पूरे गांव का सिर गर्व से ऊंचा किया, वहीं परिवार को गहरे शोक में डाल दिया।