राजस्थान में भारी बारिश से नदियाँ उफान पर, कई क्षेत्रों में जलभराव और अलर्ट जारी

जयपुर. राजस्थान में मानसून की भारी बारिश के चलते कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं. इसके चलते कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. शनिवार को उदयपुर, पाली, जालोर, सिरोही, राजसमंद समेत कई जिलों में 2 से 5 इंच तक पानी बरसा. इसके अलावा सीकर, भीलवाड़ा, ब्यावर, कोटा, अजमेर, चित्तौड़गढ़ और पाली में भी बारिश हुई. मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने के कोई आसार नहीं है. विभाग ने आज बाड़मेर, जालोर, सिरोही में बारिश का रेड अलर्ट और जैसलमेर, जोधपुर, पाली, राजसमंद, उदयपुर जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है.

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान उदयपुर के गोगुंदा में 136MM, सायरा में 81MM, बड़गांव में 74MM, झाड़ोल में 56MM, भींडर में 58MM, वल्लभनगर में 65MM, कोटड़ा में 61MM, नया गांव में 45MM और गिर्वा, बारापाल में 47-47MM बरसात दर्ज हुई. इसके अलावा बूंदी के हिंडौली में 53MM, जालोर के आहोर में 61MM, भाद्राजून में 52MM, जालोर शहर में 54MM, डूंगरपुर के बिच्छीवाड़ा में 60MM, डूंगरपुर शहर में 47MM बरसात हुई. वहीं, टोंक के देवली में 49MM, पाली के सुमेरपुर में 90MM, रानी में 88MM, देसूरी में 50MM, बाली में 43MM, भीलवाड़ा के सहाड़ा में 59MM, रायपुर में 41MM, बागोर में 44MM, राजसमंद के गिलुंड में 62MM, देलवाड़ा में 70MM, आमेट में 59MM, गढ़बोर में 82MM, कुंभलगढ़ में 49MM, कुंवारिया में 57MM, सवाई माधोपुर के खंडार में 57MM, सिरोही के पिंडवाड़ा में 105MM, शिवगंज में 71MM, देलदर में 62MM और चित्तौड़गढ़ के भोपालसागर में 50MM बरसात हुई.

ओवरफ्लो कर रही है आनासागर और फाई सागर झीलें

राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. मौसम विभाग ने चेताया है कि वर्तमान में गहरा निम्न दबाव राज्य के ऊपर बना हुआ है, जो अगले 12 घंटे में डिप्रेशन में बदल सकता है. उदयपुर, डूंगरपुर, सिरोही और राजसमंद में अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही, जयपुर, कोटा, बूंदी और टोंक में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. अजमेर जिले में लगातार बारिश से हालात बेकाबू हो चुके हैं. आनासागर और फाई सागर झीलें ओवरफ्लो कर रही है. खानपुरा, दोराई, आम का तालाब और सुनहरी कॉलोनी सहित कई कच्ची बस्तियां जलमग्न हो गई है. स्वास्तिक नगर की हालत गंभीर है, जहां बोराज पाल टूटने के कारण तेज बहाव ने तबाही मचा दी है.

भारी बारिश के चलते चंबल नदी में उफान
मध्यप्रदेश में लगातार हुई भारी बारिश के बाद चंबल नदी उफान पर आ गई है. गांधी सागर डैम से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण कोटा बैराज का पानी का स्तर काफी बढ़ गया है. इस पर दो ओर से सावधानी बरती गई, रविवार सुबह बैराज से 5 गेट खोलकर लगभग 91,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी में अचानक जलस्तर में इजाफा हुआ है. छोटी पुलिया डूबने के कारण पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिया के दोनों तरफ बैरीकेड लगाकर आवाजाही रोक दी है.

इधर, टोंक स्थित बीसलपुर बांध से पानी की निकासी इस समय सबसे ज्यादा हो रही है—8 गेट खोलकर 1,32,000 क्यूसेक पानी रोड की जा रही है, जिससे बनास नदी में तेज बहाव बना हुआ है। लगातार बारिश के चलते जल केमेस्ट क्षेत्रों में विशाल पानी की आवक बनी हुई है।

पाली में उफनाई जवाई नदी
पाली के जवाई बांध के गेट खोलने के बाद जवाई नदी भी उफान पर है. पानी कई गाँवों तक पहुँच गया है जिससे तखतगढ़ कस्बा उजाड़ सा हो गया है. महावीर बस्ती, नेहरू रोड, गौरव पथ, खरसियावास सहित कई कॉलोनियों में एक से दो फीट तक पानी भर गया है. प्रशासन ने पहले ही ग्रामीणों को जवाई नदी क्षेत्र से दूर रहने के लिए अलर्ट जारी कर रखा था. प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए हैं और राहत कार्यों को त्वरित रूप से संचालित कर रहे हैं.

भरतपुर जिले में बारैठा बांध के गेट खोलने पड़े हैं. कुकुंद नदी का जलस्तर बढ़ने से 10 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं. सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है और कई किसानों की फसलें तबाह हो गई है. जालोर के सांचौर, भीनमाल, आहोर और जिला मुख्यालय पर भी भारी बारिश का कहर जारी है. सड़कों पर जलभराव से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं कोटा के सुकेत थाना क्षेत्र में पाटली नदी में गिरने से राजू मेहर (47) की मौत हो गई. नदी की चट्टानों से टकराकर गंभीर चोट लगने से उसकी जान चली गई.

डेली डाटा रिपोर्ट
मौसम विभाग की डेली डाटा रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को राज्य में कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई. तापमान की बात करें तो सर्वाधिक अधिकतम तापमान जैसलमेर में 36.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सिरोही में 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दर्ज प्रेक्षण के अनुसार राज्य के अधिकांश भागों में हवा में आर्द्रता की औसत मात्रा 60 से 100 प्रतिशत के मध्य दर्ज की गयी.