50 से -25°C तापमान, 38000 किलोमीटर की साइकिल यात्रा

गोड्डा: राजस्थान से चल कर गोड्डा के रास्ते अपने दृढ़ निश्चय और अदम्य साहस से देशभर में प्रेरणा का स्रोत बन चुके पप्पू राम चौधरी उर्फ़ ‘हिंदुस्तानी मुसाफ़िर’ इन दिनों गोड्डा पहुँचे हुए हैं. उनका शक्ति संकल्प सफर और मिशन एवरेस्ट 2026 अभियान न केवल एक साहसिक लक्ष्य की यात्रा है, बल्कि यह समाज, पर्यावरण और युवा पीढ़ी के लिए एक जागरूकता आंदोलन बन चुका है.

साइकिल से 25 राज्यों की यात्रा
लोकल 18 से बातचीत में पप्पू राम चौधरी ने बताया कि अब तक वे 38,000 किलोमीटर की साइकिल यात्रा पूरी कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने 27,000 से अधिक पौधे पूरे भारत में लगाए हैं. उनका कहना है कि यह यात्रा न केवल Longest Solo Cycle Ride in a Single Country के विश्व रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण और मानवता के संदेश को घर-घर तक पहुँचाने का प्रयास है.

पप्पू ने अब तक 19 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों की यात्रा की है. वे 17 से अधिक हिमालयी दर्रे पार कर चुके हैं, जिनमें लाचुंग ला, उमलिंग ला और खारदुंग ला जैसे विश्व के सबसे ऊँचे दर्रे शामिल हैं. उन्होंने +50°C के तपते रेगिस्तानों से लेकर -25°C के बर्फीले हिमालय तक का सफर तय किया है. इस दौरान जंगलों में तेंदुए से सामना, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में यात्रा जैसी अनेक चुनौतियों को उन्होंने हिम्मत और धैर्य से पार किया.

पर्यावरण की रक्षा सबसे बड़ी सेवा
पप्पू का मानना है कि प्रकृति है, तो प्रगति है. इसी संदेश के साथ वे देशभर में हरित क्रांति, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं में आत्मविश्वास तथा सेवा की भावना जगाने का कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल एवरेस्ट फतह करना नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के भीतर शक्ति, संयम, सेवा और साहस के बीज बोना है.
उनकी यह यात्रा इस बात का प्रतीक है कि जब संकल्प अटूट हो, तो कोई भी मंज़िल असंभव नहीं होती. ‘हिंदुस्तानी मुसाफ़िर’ की यह कहानी आज लाखों युवाओं को प्रेरित कर रही है कि देश और धरती के लिए कुछ कर गुजरने का जज़्बा ही सच्चा देशभक्ति का परिचायक है.