Rajasthan Lado Protsahan Yojana: लाडो प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार द्वारा 1 अगस्त 2024 से शुरू की गई एक प्रमुख पहल है, जो शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने शुरू की गई.
राजस्थान की बेटियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने लाडो प्रोत्साहन योजना की सहायता राशि बढ़ाकर 1 लाख से 1.50 लाख रुपये कर दी है.
बढ़ी हुई राशि का लाभ इस शैक्षणिक सत्र और प्रवेशोत्सव के दौरान व्यापक स्तर पर दिया जाएगा, जिसे शिक्षा विभाग ने शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रवेशोत्सव के दौरान स्कूलों में आने वाले प्रत्येक अभिभावक को योजना की पूरी जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इससे जुड़ सकें और ड्रॉपआउट दर में कमी लाई जा सके.
योजना के तहत राशि सात चरणों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी. योजना के संचालन की जिम्मेदारी ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की जिला टास्क फोर्स को सौंपी गई है, जो सर्वे और पात्रता की समीक्षा कर रही है.
पात्रता के अनुसार बालिका की माता का राजस्थान का मूल निवासी होना अनिवार्य है और सभी भुगतान जन-आधार कार्ड के माध्यम से किए जाएंगे. खास बात यह है कि तीसरी किश्त (कक्षा 1 में प्रवेश) के बाद संतान संख्या की बाध्यता समाप्त कर दी गई है.
इसके अलावा, पूर्व की राजश्री योजना की लंबित किस्तों को भी अब इसी योजना में समाहित किया गया है. तीसरी से छठी किश्त तक के लिए अलग से आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी, भुगतान शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से स्वतः किया जाएगा.