राजस्थान कैबिनेट मीटिंग में आज ये 10 बड़े फैसले, जानें क्या खास! पूरे प्रदेश पर होगा असर

जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आज शुक्रवार शाम 5 बजे सचिवालय में होने वाली कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की महाबैठक पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं। करीब तीन महीने बाद हो रही यह बैठक बेहद खास है, क्योंकि इस बार सरकार का पूरा फोकस प्रशासनिक सुधार, फिजूलखर्ची रोकने और ‘ईंधन की बचत’ पर रहने वाला है।

अंदरखाने से आ रही खबरों के मुताबिक, आज सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के वर्क-कल्चर को पूरी तरह बदलने वाले 10 बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वे संभावित फैसले और कर्मचारियों के लिए इसमें क्या खास है।

ये हैं वो 10 बड़े फैसले जो आज हो सकते हैं मंजूर
20% वर्क फ्रॉम होम: दफ्तरों में भीड़ और प्रदूषण कम करने के लिए कर्मचारियों को रोटेशन के आधार पर घर से काम करने की मंजूरी मिल सकती है।

सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’: ईंधन बचाने और पर्यावरण का संदेश देने के लिए हफ्ते में एक दिन सभी कर्मचारियों को बिना गाड़ी (पब्लिक ट्रांसपोर्ट से) दफ्तर आना होगा।

अफसरों के लिए कार पूलिंग: एक ही वीआईपी इलाके में रहने वाले बड़े अधिकारियों को अब अलग-अलग के बजाय एक ही गाड़ी शेयर करके दफ्तर आना होगा।

पति-पत्नी अफसरों को एक गाड़ी: यदि पति और पत्नी दोनों ही सरकारी अधिकारी हैं, तो उन्हें दो अलग गाड़ियों की जगह अब केवल एक ही सरकारी गाड़ी मिलेगी।

वर्चुअल मीटिंग्स को प्राथमिकता: फिजूलखर्ची रोकने के लिए सरकारी विभागों में फिजिकल बैठकें तभी होंगी जब बेहद जरूरी हो, बाकी सभी बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए होंगी।

तबादलों से बैन हटाने पर फैसला: प्रदेश के लाखों तृतीय श्रेणी शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग ‘तबादला नीति’ और बैन हटाने की समयसीमा पर अंतिम मुहर लग सकती है।

ऑनलाइन फाइल वर्क मैकेनिज्म: दफ्तरों में कागजी फाइलों के चक्कर को खत्म कर पूरी तरह डिजिटल और ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग सिस्टम को अनिवार्य किया जा सकता है।

सरकारी पेट्रोल-डीजल की राशनिंग: सरकारी वाहनों के दुरुपयोग को रोकने और ईंधन की खपत को नियंत्रित करने के लिए एक सख्त राशनिंग मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया जाएगा।

नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी: राजस्थान में नए निवेश और उद्योगों को आकर्षित करने के लिए बहुप्रतीक्षित औद्योगिक विकास नीति को हरी झंडी मिल सकती है।
सौर और अक्षय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स: राजस्थान को देश का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी हब बनाने के लिए नए सोलर प्रोजेक्ट्स और ‘ग्रीन एरिया नीति’ को मंजूरी दी जा सकती है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए इसमें क्या है खास?
इस कैबिनेट बैठक से राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों को राहत और चुनौती दोनों एक साथ मिलने वाली हैं। अगर रोटेशन के आधार पर 20% वर्क फ्रॉम होम के प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो आईटी और सचिवालय के कर्मचारियों को घर से काम करने की बड़ी सुविधा मिलेगी। जो कर्मचारी लंबे समय से अपने गृह जिले में ट्रांसफर का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार ट्रांसफर विंडो खोलने की तारीख का एलान कर सकती है। कार पूलिंग और पति-पत्नी को एक गाड़ी के फैसले से बड़े अफसरों का वीआईपी ढर्रा बदलेगा, जिससे मध्यम वर्ग के कर्मचारियों में एक सकारात्मक संदेश जाएगा।

भजनलाल सरकार की इस साल की यह तीसरी कैबिनेट बैठक है। इससे पहले फरवरी में दो से अधिक संतान वालों को चुनाव लड़ने की छूट देने जैसा बड़ा फैसला हुआ था, लेकिन आज का एजेंडा पूरी तरह हाईटेक, ग्रीन और प्रशासनिक बदलावों से भरा हुआ है। शाम ढलते ही इन 10 बड़े फैसलों पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है।