राजस्थान में 31 साल के बाद हटने जा रहा ये कानून, अब 2 से अधिक बच्चों से ज्यादा…

जयपुर: राजस्थान में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों पर चुनाव लड़ने की पाबंदी समाप्त करने के लिए विधायी संशोधन लाने जा रही है। इस संबंध में गुरुवार को विधानसभा में दो अहम विधेयक पेश किए जाएंगे।

सरकार की ओर से राजस्थान पंचायतीराज संशोधन विधेयक-2026 और नगरपालिका संशोधन विधेयक-2026 को सदन में रखा जाएगा। इन विधेयकों के माध्यम से चुनाव लड़ने के लिए बच्चों की संख्या से जुड़ी मौजूदा बाध्यता को समाप्त करने का प्रस्ताव है।

विधानसभा में गुरुवार को पेश होंगे दोनों संशोधन विधेयक

पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर विधानसभा में पंचायतीराज से संबंधित संशोधन विधेयक प्रस्तुत करेंगे, जबकि शहरी विकास और आवास (यूडीएच) मंत्री झाबर सिंह खर्रा नगरपालिका से जुड़ा संशोधन विधेयक सदन के सामने रखेंगे। इन दोनों विधेयकों को कब पारित किया जाएगा, इसका निर्णय विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठक में लिया जाएगा। वर्तमान में विधानसभा का निर्धारित कामकाज 6 मार्च तक तय है। यदि कार्य अवधि आगे बढ़ाई जाती है, तो विधेयकों को 9 मार्च को पारित कराया जा सकता है। वहीं यदि कार्यसूची में विस्तार नहीं होता है, तो इन्हें 6 मार्च को ही मंजूरी दिलाने की संभावना है। गौरतलब है कि 25 फरवरी को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इन दोनों विधेयकों को पहले ही स्वीकृति दी जा चुकी है।

31 साल पुराना नियम समाप्त करने की पहल

राजस्थान में वर्ष 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत के नेतृत्व वाली सरकार ने एक महत्वपूर्ण नियम लागू किया था। इस नियम के तहत पंचायत और शहरी निकाय चुनावों में दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति को चुनाव लड़ने से अयोग्य माना गया था। अब करीब 31 साल बाद राज्य सरकार इस प्रावधान को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। प्रस्तावित संशोधन लागू होने के बाद उम्मीदवारों पर बच्चों की संख्या से जुड़ी कोई पाबंदी नहीं रहेगी।

सरपंच से मेयर तक सभी चुनावों पर पड़ेगा असर

यदि दोनों विधेयक पारित हो जाते हैं, तो पंचायत और शहरी निकायों के सभी चुनावों में बच्चों की संख्या से जुड़ी शर्त खत्म हो जाएगी। वर्तमान में वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति प्रधान और जिला प्रमुख जैसे पदों के साथ-साथ पार्षद, नगर पालिका अध्यक्ष, सभापति और मेयर के चुनाव के लिए दो बच्चों की सीमा लागू है।

इस नियम के कारण दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति इन पदों के लिए चुनाव नहीं लड़ सकते थे। प्रस्तावित संशोधन के बाद यह प्रतिबंध समाप्त हो जाएगा और किसी भी उम्मीदवार के लिए बच्चों की संख्या चुनाव लड़ने में बाधा नहीं बनेगी। संशोधन लागू होने पर पंचायत से लेकर नगर निकायों तक, सभी स्तरों पर उम्मीदवार बिना बच्चों की संख्या की शर्त के चुनावी मैदान में उतर सकेंगे।