करौली. राजस्थान में वन्यजीवों के बढ़ते मूवमेंट और इंसानी बस्तियों के करीब पहुंचने की घटनाओं ने एक बार फिर लोगों को दहला दिया है. मंगलवार सुबह करौली जिले के करणपुर क्षेत्र में बाइक सवार तीन युवकों पर टाइगर ने हमला कर दिया, वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में चंबल नदी किनारे राजस्थान के एक युवक को मगरमच्छ ने खींचकर पानी में ले गया. दोनों घटनाओं ने इलाके में दहशत फैला दी है.
करौली जिले के करणपुर उपखंड के महाराजपुर क्षेत्र के चौहान का नाला इलाके में मंगलवार सुबह तीन युवक गिरधारी माली, हरिओम चौधरी और महेश योगी बाइक पर सवार होकर जा रहे थे. अचानक झाड़ियों के बीच से टाइगर ने छलांग लगाई और बाइक पर पीछे बैठे युवक पर हमला कर दिया. बाइक चालक ने हिम्मत नहीं हारी और बिना रुके तेज गति से बाइक को दूर तक ले गया, जिससे सभी की जान बच गई.
टाइगर T-80 का देखा गया था मूवमेंट
हमले में पीछे बैठे महेश योगी की पीठ पर टाइगर के पंजों के गहरे निशान आ गए और खून बहने लगा. साथी युवकों ने घायल को तुरंत बालेर अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे सवाई माधोपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. फिलहाल घायल की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आस-पास के इलाके से टाइगर के पगमार्क संकलित किए. वन अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में इस इलाके में टाइगर T-80 का मूवमेंट देखा गया था. माना जा रहा है कि उसी टाइगर ने यह हमला किया है. स्थानीय ग्रामीणों में घटना के बाद भय और आक्रोश दोनों है. ग्रामीणों ने सुरक्षा बढ़ाने और टाइगर की निगरानी के लिए कैमरे लगाने की मांग की है.
मुरैना में मगरमच्छ ने युवक को बनाया शिकार
दूसरी घटना राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा पर सपोटरा उपखंड के भागीरथपुरा गांव निवासी 35 वर्षीय रूपसिंह गुर्जर मगरमच्छ का शिकार हो गया. बताया जा रहा है कि रूपसिंह अपने कुछ साथियों के साथ मुरैना से लौट रहा था. रास्ते में उसने पुल के नीचे चंबल नदी किनारे शौच के लिए रुक गया. इसी दौरान पानी के भीतर घात लगाए बैठे मगरमच्छ ने उसे खींच लिया. रूपसिंह के साथियों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक मगरमच्छ युवक को गहरे पानी में खींच ले गया. सूचना पर स्थानीय पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और तलाश अभियान शुरू किया गया. लेकिन 16 घंटे बीत जाने के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिला है.
डूंगरी बांध संघर्ष समिति का सक्रिय सदस्य थे रूपसिंह गुर्जर
रूपसिंह गुर्जर डूंगरी बांध संघर्ष समिति का सक्रिय सदस्य था और सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहता था. उसकी अचानक हुई इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है. सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और प्रशासन से तेजी से सर्च ऑपरेशन चलाने की मांग की. दोनों घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इंसानों और वन्यजीवों के बीच की दूरी इतनी तेजी से क्यों घट रही है. करौली के जंगलों में टाइगरों की बढ़ती आवाजाही और चंबल नदी में मगरमच्छों का फैलता क्षेत्र अब स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए चुनौती बनता जा रहा है.