अप्रैल महीने की शुरुआत इस बार तेज आंधी, तूफान, गरज-चमक और बारिश के साथ हुई है और अब मौसम का यह बदला हुआ मिजाज अगले कुछ दिनों तक जारी रहने वाला है. पश्चिमी विक्षोभ के असर से शुक्रवार और शनिवार को कई इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है, जिससे मौसम सुहाना बना रह सकता है. 4 अप्रैल के लिए मौसम विभाग (IMD) ने येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है.
हालांकि अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 1 से 2 डिग्री तक बढ़ेगा, लेकिन इसके बाद 2 से 4 डिग्री तक गिरने का अनुमान है. वहीं, 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर दिल्ली समेत पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में देखने को मिलेगा. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. इसके अलावा, मध्य और दक्षिण भारत में 6 अप्रैल तक गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है, जिससे देशभर में मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहेगा.
मौसम के इस बदले हुए मिजाज के पीछे एक बड़ा कारण छिपा है.एक साथ सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभ. यही वजह है कि राजस्थान में धूल के गुबार आसमान को ढक रहे हैं, मध्य प्रदेश में तेज बारिश हो रही है और उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी-तूफान का खतरा बना हुआ है. IMD ने साफ कहा है कि यह एक व्यापक सिस्टम है, जो कई राज्यों को प्रभावित करेगा. ऐसे में अगले कुछ दिन न केवल मौसम के लिहाज से बल्कि जनजीवन और खेती के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.
देशभर में मौसम का यह बदलाव धीरे-धीरे बनता गया है. पिछले कुछ दिनों से लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, इससे हवा का दबाव और तापमान अस्थिर हो गया है. दिन में तेज धूप और गर्मी का एहसास होता है, लेकिन शाम होते-होते अचानक मौसम बदल जाता है. तेज हवाएं चलने लगती हैं और कई जगहों पर बारिश शुरू हो जाती है. इस तरह का अस्थिर मौसम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है, क्योंकि यह न तो पूरी तरह गर्मी है और न ही बारिश का नियमित मौसम.
मध्य भारत में भी स्थिति कम चुनौतीपूर्ण नहीं है. यहां तेज हवाओं के साथ बारिश ने कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया है. ओलावृष्टि की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. खेतों में खड़ी गेहूं और अन्य फसलें इस मौसम के कारण प्रभावित हो सकती हैं. मौसम विभाग लगातार चेतावनी जारी कर रहा है और लोगों को सतर्क रहने के लिए कह रहा है, क्योंकि आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है.
दो पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज
इस सप्ताह दो मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं, जो पूरे उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं. पहला सिस्टम 3 और 4 अप्रैल को असर दिखा रहा है, जबकि दूसरा 7 अप्रैल के आसपास सक्रिय होगा. इन दोनों सिस्टम के कारण हवा की दिशा और गति में बड़ा बदलाव आया है. इससे बादलों का तेजी से जमाव हो रहा है और बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन रही है. खासतौर पर पहाड़ी इलाकों और कश्मीर घाटी में इसका असर ज्यादा देखने को मिलेगा, जहां भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है.
दिल्ली-NCR में बदलता मौसम
दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. सुबह के समय हल्के बादल दिखाई देते हैं, लेकिन दोपहर के बाद अचानक मौसम खराब हो जाता है. हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं लोगों को चौंका रही हैं. हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ झोंकों में यह और तेज हो सकती है. तापमान में भी हल्की गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन अस्थिर मौसम के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है.