रतन टाटा भी हुए डीपफेक वीडियो का शिकार, खुद शेयर की कहानी और बताया फर्जी

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Ratan Tata Deepfake Video: देश के सबसे सम्मानित बिजनेसमैन में से एक और टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा भी डीपफेक का शिकार हो गए हैं. बुधवार को टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा ने उनके नाम का इस्तेमाल कर 100 फीसदी रिटर्न की गारंटी वाले इंवेस्टमेंट लेकर शेयर किए गए वीडियो को फर्जी (फेक) बताया.

रतन टाटा ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया सच
रतन टाटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर लगाई स्टोरी में इंस्टाग्राम यूजर सोना अग्रवाल की पोस्ट की आलोचना की है. रतन टाटा ने इस वीडियो और उसके नीचे लिखे मैसेज के स्क्रीनशॉट पर ‘फेक’ लिखकर उसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया.

रतन टाटा के फेक इंटरव्यू का इस्तेमाल किया गया
गौरतलब है कि सोना अग्रवाल नाम की इंस्टा यूजर ने फर्जी वीडियो पोस्ट किया जिसमें रतन टाटा सोना अग्रवाल को अपना मैनेजर बता रहे हैं. रिस्क फ्री बताते हुए इस इस निवेश की सिफारिश करने वाले एक वीडियो में रतन टाटा के फेक इंटरव्यू का इस्तेमाल किया गया है.

इंस्टा यूजर ने किया था फर्जी दावा
शेयर किए गए वीडियो के साथ लिखा गया था,”भारत में सभी के लिए रतन टाटा की एक सिफारिश. आपके पास 100 परसेंट गारंटी के साथ रिस्क फ्री होकर आज ही अपने निवेश को बढ़ाने का मौका है. इसके लिए अभी चैनल पर जाएं.’’ वीडियो में लोगों के खाते में पैसे जमा होने के मैसेज भी दिखाए गए.

रतन टाटा के नाम का गलत यूज करने के मामले सामने आ रहे
रतन टाटा के नाम का यूज करके पिछले कुछ समय से फर्जी दावे किए जा रहे हैं. अक्टूबर में रतन टाटा के नाम से एक ट्वीट वायरल हुआ था. इसमें दावा किया गया कि रतन टाटा ने आईसीसी वर्ल्ड कैप के लीग मैच में अफगानिस्तान की पाकिस्तान पर जीत के बाद अफगानी खिलाड़ी राशिद खान को 10 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है. रतन टाटा को इस पर भी सच्चाई सामने लानी पड़ी.

रतन टाटा ने किया था ट्वीट
रतन टाटा ने 30 अक्टूबर को ट्वीट में सच बताया कि ‘मैंने किसी खिलाड़ी से संबंधित सलाह और शिकायत के बारे में ICC को कोई सलाह नहीं दी है. मेरा क्रिकेट से कोई लेना-देना नहीं है.’