अगले जन्म में जानवर बनते हैं ये 5 गलतियां करने वाले लोग, भूलकर भी ना करें ऐसा

Garuda Purana: हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण ग्रंथ गरुड़ पुराण में विस्तार से बताया गया है कि मनुष्य के कर्म ही उसके अगले जन्म और योनि का निर्धारण करते हैं. गरुड़ पुराण मुताबिक, इंसान के अच्छे और बुरे कर्मों का फल निश्चित होता है. मानव योनि को अत्यंत दुर्लभ और मूल्यवान माना गया है, जिसे केवल सत्कर्मों से ही बनाए रखा जा सकता है. फिर भी मनुष्य, ज्ञान होने के बावजूद, कई बार ऐसे कर्म कर बैठता है जो उसके अगले जन्म को प्रभावित करते हैं और उसे पशु योनि या अधोगति की ओर ले जाते हैं. गरुड़ पुराण के अनुसार, कुछ काम इतने निंदनीय हैं कि उन्हें करने पर आत्मा निश्चित रूप से नीच योनि में जन्म लेती है. आइए जानते हैं गरुड़ बताए गए उन पांच कर्मों के बारे में जिन्हें इंसान को भूल से भी नहीं करने चाहिए.

दोस्त के साथ छल करना
गरुड़ पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति अपने सच्चे मित्र के साथ विश्वासघात या छल करता है, उसे अगला जन्म गिद्ध के रूप में मिलता है. गिद्ध की योनि मृत जीवों का मांस खाने वाली होती है, जो विश्वासघात और नीच कर्मों का दंड है.

धर्म और ईश्वर का अपमान करना
गरुड़ पुराण में इस बात का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है कि धर्म, वेद, पुराण या ईश्वर का अनादर करने वाले लोगों को अगले जन्म में कुत्ते की योनि प्राप्त होती है. इस जानवर की योनि में अनेक प्रकार के कष्टों का सामना करना पड़ता है.

चालाकी और दूसरों को धोखा देना
गरुड़ पुराण के मुताबिक, जो व्यक्ति अपनी चतुराई का उपयोग दूसरों को धोखा देने में करता है, वह अगले जन्म में उल्लू के रूप में जन्म लेता है. यह योनि अंधकार, भ्रम और अज्ञान का प्रतीक है. ऐसे में किसी भी इंसान को इस काम को भूलकर भी नहीं करना चाहिए.

अपशब्दों का प्रयोग
गरुड़ पुराण की मानें तो प्रत्येक व्यक्ति को अपनी वाणी से दूसरों को कष्ट नहीं पहुंचाना चाहिए और न ही अपशब्द का प्रयोग करना चाहिए. दूसरों को गाली देने या अपमानित करने वाले लोग अगले जन्म में बकरे के रूप में जन्म लेते हैं.

महिलाओं पर बुरी दृष्टि रखना
गरुड़ पुराण के अनुसार, जो पुरुष स्त्रियों का अपमान करते हैं या उन्हें बुरी दृष्टि से देखते हैं, उन्हें अगला जन्म सांप या छिपकली जैसी रेंगने वाली योनि में मिलता है. यह अधोगति और काम वासना में डूबे रहने का दंड है. इसलिए व्यक्ति को इस पाप कर्म से बचकर रहना चाहिए.