Gayatri Mantra during Periods Niyam: गायत्री मंत्र का जाप करने वाले भक्तों के जीवन के सभी पाप नष्ट होने लगते हैं और मानसिक शांति प्राप्त होती है. इस मंत्र को नियम से जाप करने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गायत्री मंत्र को जाप करने से आंतरिक शक्ति बढ़ती है. हालांकि, गायत्री मंत्र के जाप को लेकर कई नियम और मान्यताएं भी हैं. केवल पुरुष गायत्री मंत्र जप सकते हैं, इस तरह की बाते सामने आती हैं. मान्यता है कि जनेऊ धारी लोगों को गायत्री मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए. वहीं इस बात को लेकर लोगों में भारी कन्फ्यूजन होता है कि क्या मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए. आइए इस बारे में विस्तार से जानें.
गायत्री मंत्र का जाप महिलाएं करें या नहीं
गायत्री मंत्र के बारे में ऐसी कहा जाता है कि स्त्रियों को इस मंत्र का जाप नहीं करना चाहिए. वहीं, मान्यता है कि स्त्रियों के लिए गायत्री मंत्र का जाप करना अच्छा नहीं होता है. प्राचीन समय में जनेऊ स्त्रियां भी धारण किया करती थी. वहीं पुरुषों के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में महिलाएं भी बराबर भाग लेती थीं. हालांकि समय के बदलाव के साथ नियमों में भी बदलाव होने लगे.
मासिक धर्म में गायत्री मंत्र का जाप
दरअसल महिलाओं को गायत्री मंत्र का जाप करना वर्जित बताया गया है. जिसका कारण है मासिक धर्म. महिलाओं को मासिक धर्म होता है जिससे धार्मिक अनुष्ठानों और कार्यों से उनको दूर रखा जाता है. इसी तरह गायत्री मंत्र का जाप न करने की भी सलाह महिलाओं को दी जाती है. हालांकि महिलाएं गायत्री मंत्र का जाप करती हैं लेकिन मासिक धर्म में गायत्री मंत्र का जाप करना पूरी तरह वर्जित हैं.
गायत्री मंत्र के जाप का महिलाओं पर प्रभाव
मान्यतानुसार, गायत्री मंत्र का जाप करने से पुरुषों की ही तरह स्त्रियों का व्यवहार और चाल ढाल होने लगता है. मंत्र को लेकर मान्यता है कि इससे शारीरिक अंगों के साथ ही त्वचा पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है. चेहरे पर अनचहे बाल के साथ ही मासिक धर्म में दिक्कते आने लगती है. हालांकि ये केवल मान्यताएं है. इस बात का अब तक कोई प्रमाण नहीं है.