सेना खरीदेगी ‘सुपर किलर’; हर मिनट दनादन 3000 राउंड फायरिंग, धुआं-धुआं होंगे दुश्मन

India Air Defence System: भारत सरकार डिफेंस सेक्टर को और ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए लगातार कोशिश कर कर रही है. ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने भारत के सैन्य पराक्रम को भी देखा, वहीं स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने सुदर्शन चक्र का जिक्र किया था. अब सरकार सुदर्शन चक्र को धरती पर उतारने जा रही है. मिशन सुदर्शन चक्र को ध्यान में रखते हुए अब इंडियन आर्मी ने सरकारी कंपनी Advanced Weapon and Equipment India Ltd (AWEIL) से 6 AK-630 एयर डिफेंस गन सिस्टम खरीदने के लिए टेंडर जारी किया है. यह सिस्टम देश के लिए क्यों जरूरी है और इसका प्रयोग कहां किया जाएगा आइए जानते हैं.

क्या बोले रक्षा अधिकारी
इसे लेकर के रक्षा अधिकारियों ने बताया है कि इंडियन आर्मी एयर डिफेंस ने AWEIL को RFP यानी Request for Proposal भेज दी है. ये गन सुदर्शन चक्र का हिस्सा हैं. इसकी फायरिंग स्पीड काफी ज्यादा है और यह दुश्मनों के ड्रोन और मिसाइल को देखते ही चकनाचूर कर सकता है.

क्या है गन सिस्टम की खासियत
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये गन सिस्टम 4 किमी तक हमला कर सकता है. यानी दुश्मन के ड्रोन या रडार इसकी रेंज नें आकर तबाह हो जाएंगे, इतना ही नहीं हर मिनट इस सिस्टम से 3000 गोलियां चलाई जा सकती है, मौसम की परवाह किए बिना ये इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम से निशाना लगा सकता है और आसानी से गोली चला सकता है. बता दें कि मई में सेना ने इस सिस्टम का परीक्षण भी किया था जो नकली टारगेट को आसानी के साथ मार गिराया था. ऐसे में यह दुश्मनों के अंदर खौफ पैदा कर सकता है.

कहां होगी तैनाती?
जानकारी ये भी मिली है कि इस गन सिस्टम की तैनाती पाकिस्तान से सटे इलाकों में की जाएगी और इससे धार्मिक स्थलों की निगरानी की जाएगी. दरअसल, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, गुजरात और राजस्थान सहित सीमावर्ती राज्यों में नागरिकों और धार्मिक इमारतों पर सीधे हमले किए. भारतीय वायु सेना के साथ-साथ, सेना की वायु रक्षा ने भी हमलों को विफल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

कहां से ली गई सुदर्शन चक्र की प्रेरणा
बीते दिन ‘सुदर्शन चक्र’ मिसाइल शील्ड बारे में मीडिया से बात करते हुए डीआरडीओ के महानिदेशक बीके दास ने अपनी योजनाओं से लोगों को रूबरू कराया था. उन्होंने कहा था कि हमारी पहचान, ट्रैकिंग, निगरानी और मिसाइल प्रणालियां तैयार हैं. यह लंबी दूरी से सेंसर, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स, इन्फ्रारेड तकनीक, और रडार का उपयोग करेंगी ताकि खतरों को दूर से पहचाना जा सके. सुदर्शन चक्र, इजरायल के आयरन डोम से प्रेरणा लेकर बनाया गया है. मिशन सुदर्शन चक्र भारत को 2035 तक एक मल्टी-लेयर सिक्योरिटी शील्ड तैयार करेगा जो एयर डिफेंस, सर्विलांस और साइबर सिक्योरिटी को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ेगा. यह दुश्मनों के हथियारों को मिनटो में काट डालेगा.