इन ऐप्स को डाउनलोड करके ₹180000000000 गंवाने वाले थे iPhone यूजर्स! ऐन वक्त पर…

Apple ने दावा किया है कि उसने App Store पर होने वाले बड़े पैमाने के ऑनलाइन फ्रॉड को रोककर iPhone यूजर्स को भारी आर्थिक नुकसान से बचाया है. कंपनी के अनुसार, सिर्फ पिछले एक साल में ही उसने ऐसे फर्जी ट्रांजैक्शन रोक दिए जिनकी कुल कीमत करीब 2.2 बिलियन डॉलर यानी लगभग 18,000 करोड़ रुपये थी. Apple का कहना है कि उसकी सख्त ऐप रिव्यू प्रक्रिया और एडवांस सिक्योरिटी सिस्टम ने लाखों यूजर्स को स्कैम, फर्जी पेमेंट और खतरनाक ऐप्स के जाल में फंसने से बचाया.

छह साल में 11 अरब डॉलर से ज्यादा के फ्रॉड पर रोक
Apple के मुताबिक, पिछले छह वर्षों के दौरान App Store ने 11.2 बिलियन डॉलर से अधिक के धोखाधड़ी वाले लेनदेन को ब्लॉक किया है. कंपनी लगातार ऐसे ऐप्स और ट्रांजैक्शन पर नजर रखती है जो संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं. इसमें नकली सब्सक्रिप्शन, फर्जी पेमेंट सिस्टम, स्कैम ऐप्स और नुकसान पहुंचाने वाले सॉफ्टवेयर शामिल हैं. Apple का कहना है कि उसकी सुरक्षा व्यवस्था लगातार इन खतरों की पहचान करती रहती है ताकि यूजर्स को सुरक्षित अनुभव मिल सके.

हर हफ्ते 85 करोड़ से ज्यादा लोग करते हैं App Store का इस्तेमाल
Apple ने बताया कि दुनिया के 175 देशों में हर सप्ताह 850 मिलियन यानी 85 करोड़ से अधिक लोग App Store पर विजिट करते हैं. इतने बड़े यूजर बेस के कारण सुरक्षा बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है. इसी वजह से कंपनी मानव विशेषज्ञों की टीम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दोनों का इस्तेमाल करती है. इनकी मदद से फर्जी रिव्यू, मालवेयर, नकली ऐप्स और वित्तीय धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों को समय रहते पहचान लिया जाता है, ताकि वे आम यूजर्स तक पहुंच ही न सकें.

90 लाख से ज्यादा ऐप सबमिशन की हुई जांच
कंपनी के App Review विभाग ने इस वर्ष 9.1 मिलियन यानी 91 लाख से अधिक ऐप सबमिशन और अपडेट की समीक्षा की. इनमें से 20 लाख से ज्यादा ऐप्स और अपडेट्स को रिजेक्ट कर दिया गया क्योंकि वे App Store की नीतियों का पालन नहीं कर रहे थे. Apple के अनुसार, कई ऐप्स यूजर्स को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे थे, कुछ में छिपे हुए फीचर्स थे, जबकि कुछ सीधे तौर पर वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े पाए गए. ऐसे ऐप्स को प्लेटफॉर्म पर आने से पहले ही रोक दिया गया.

मंजूरी मिलने के बाद भी बदले गए हजारों ऐप्स
Apple ने यह भी खुलासा किया कि उसे करीब 59,000 ऐप्स को बाद में App Store से हटाना पड़ा. शुरुआत में ये ऐप्स सामान्य गेम या उपयोगी टूल्स के रूप में पेश किए गए थे और समीक्षा प्रक्रिया में पास भी हो गए थे. हालांकि बाद में अपडेट के जरिए इनके व्यवहार में बदलाव किया गया और इन्हें स्कैम प्लेटफॉर्म में बदल दिया गया. कंपनी का कहना है कि साइबर अपराधी अक्सर पहले समीक्षा प्रक्रिया को पार करने की कोशिश करते हैं और फिर बाद के अपडेट में धोखाधड़ी वाली गतिविधियां जोड़ देते हैं.

फर्जी अकाउंट्स और बच्चों के लिए असुरक्षित ऐप्स पर भी कार्रवाई
Apple ने लगभग 1.1 बिलियन यानी 110 करोड़ नकली अकाउंट बनाने की कोशिशों को भी रोका. ऐसे अकाउंट्स का इस्तेमाल आमतौर पर स्पैम फैलाने, फर्जी रिव्यू पोस्ट करने और ऐप रैंकिंग को गलत तरीके से प्रभावित करने के लिए किया जाता है. इसके अलावा कंपनी ने Kids कैटेगरी में मौजूद 5,000 से ज्यादा ऐप्स को भी अस्वीकार कर दिया क्योंकि वे बच्चों की सुरक्षा और अभिभावकों की गोपनीयता से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे.

यूजर्स की सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
ऑनलाइन स्कैम और डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच Apple का यह दावा दिखाता है कि टेक कंपनियां अब सुरक्षा को पहले से कहीं ज्यादा प्राथमिकता दे रही हैं. हालांकि किसी भी प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह जोखिम खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन नियमित जांच, AI आधारित निगरानी और सख्त नियम यूजर्स को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऐसे में iPhone यूजर्स को भी केवल भरोसेमंद ऐप्स डाउनलोड करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से सतर्क रहने की सलाह दी जाती है.