क्या आपका घर EV चार्ज करने के लिए सुरक्षित है? सामने आई डराने वाली रिपोर्ट

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का क्रेज बहुत तेजी से बढ़ रहा है. लोग पेट्रोल-डीजल के खर्च से बचने के लिए धड़ाधड़ इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारें खरीद रहे हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि जिस घर में आप अपनी कीमती ईवी को चार्ज कर रहे हैं, वह इसके लिए सुरक्षित है भी या नहीं? ईटी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, कजाम (Kazam) और अलायंस फॉर एन एनर्जी एफिशिएंट इकोनॉमी (AEEE) की एक हालिया और चौंकाने वाली रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत के लगभग 45 फीसदी घर इलेक्ट्रिक वाहनों को सुरक्षित रूप से चार्ज करने के लिए तैयार ही नहीं हैं. इन घरों में ईवी चार्ज करने से न सिर्फ गाड़ी खराब होने का डर है, बल्कि घर में शॉर्ट सर्किट और आग लगने का बड़ा खतरा भी मंडरा रहा है. आइए जानते हैं इस रिपोर्ट की पूरी सच्चाई.

80,000 से ज्यादा घरों के डेटा से हुआ खुलासा
यह चौंकाने वाली रिपोर्ट देश के टियर-1, टियर-2 और टियर-3 शहरों में किए गए एक बड़े सर्वे पर आधारित है. इसमें स्वतंत्र मकानों, बड़े अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स, झुग्गी-बस्तियों और किराए के मकानों समेत कुल 80,000 से अधिक आवासीय ईवी चार्जर इंस्टॉलेशन के डेटा की जांच की गई. रिपोर्ट का साफ कहना है कि लगभग 45% भारतीय घरों को सुरक्षित चार्जिंग के लिए अपने बिजली सिस्टम को अपग्रेड करने की सख्त जरूरत है.

2035 तक बढ़ेगी बिजली की भारी डिमांड
भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की रफ्तार पिछले एक दशक में बहुत बढ़ी है, लेकिन घरों में चार्जिंग की सुविधाएं अभी भी बहुत कमजोर हैं. रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ईवी के कारण बिजली की कुल खपत साल 2024 के 0.2 प्रतिशत से बढ़कर 2035 तक लगभग 6 प्रतिशत होने की उम्मीद है. इसके बावजूद, केवल 55 प्रतिशत संभावित ईवी खरीदारों के पास ही फिलहाल घर पर सुरक्षित चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है.

नॉर्मल सॉकेट और एक्सटेंशन बोर्ड का खतरनाक जुगाड़
इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और बजट की तंगी के कारण लोग घरों में खतरनाक जुगाड़ अपना रहे हैं. कई लोग गाड़ी को घर के सामान्य सॉकेट, अस्थाई एक्सटेंशन बोर्ड या ऐसी पुरानी वायरिंग वाले कनेक्शन में प्लग कर देते हैं, जो ईवी के भारी लोड को झेलने के लिए डिजाइन ही नहीं किए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इस लापरवाही से बिजली के तारों में आग लग सकती है, चार्जिंग की रिलायबिलिटी कम होती है और गाड़ी की महंगी बैटरी भी हमेशा के लिए खराब हो सकती है.

सुरक्षित चार्जिंग के लिए क्या करना है जरूरी?
Kazam-AEEE की इस रिपोर्ट में भारतीय मकान मालिकों को कुछ बेहद जरूरी सुझाव दिए गए हैं ताकि किसी भी बड़े हादसे से बचा जा सके.

डेडिकेटेड चार्जिंग सर्किट: ईवी चार्ज करने के लिए हमेशा एक अलग सर्किट होना चाहिए, जिसका स्वीकृत लोड (Sanctioned Load) पर्याप्त हो.
सही वायरिंग और अर्थिंग: घर की अर्थिंग बेहद मजबूत होनी चाहिए और वायरिंग पूरी तरह से नियमों के मुताबिक होनी चाहिए.
MCB और प्रोटेक्शन डिवाइस: चार्जर के साथ सही रेटिंग वाली एमसीबी (MCB) और अर्थ-लीकेज प्रोटेक्शन डिवाइस का इस्तेमाल जरूर करें.
अलग सब-मीटर: लगातार पड़ने वाले चार्जिंग लोड को ट्रैक करने के लिए एक अलग प्रमाणित ईवी सब-मीटर लगाना बेहतर होता है.

गाड़ी से पहले घर की सुरक्षा है जरूरी
ईवी सेगमेंट में काम करने वाले प्लेटफॉर्म कजाम और ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने वाली संस्था एईईई ने यह साफ कर दिया है कि अगर भारत को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक की तरफ बढ़ना है, तो इसकी शुरुआत हमारे घरों से होनी चाहिए. एक असुरक्षित चार्जर आपकी लाखों की गाड़ी और आपके परिवार दोनों को खतरे में डाल सकता है. इसलिए नई ईवी घर लाने से पहले किसी अच्छे इलेक्ट्रिशियन से अपने घर की वायरिंग की जांच जरूर करवाएं.