यूपी में SIR की वो 5 बातें, जो आपके लिए जानना बहुत जरूरी

गाजियाबाद: उत्‍तर प्रदेश के सभी जिलों में स्‍पेशल इंटेसिव रिवीजन (एसआईआर) का काम जोरशोर से चल रहा है। लापरवाही बरतने वाले बीएलएल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा रही है। इस बीच, गाजियाबाद डीएम के X हैंडल से सभी वोटरों के लिए पांच जरूरी बातें बताई गई हैं।

अपने गणना प्रपत्र/बीएलओ द्वारा दिए गए फार्म में पूर्ण विवरण भरकर बीएलओ को दे दें, ध्यान रहे पावती लेना ना भूले।
यदि गणना प्रपत्र बीएलओ को नहीं दिया जाएगा तो आप अनुपस्थित श्रेणी में माने जाएंगे और आपका नाम मतदाता सूची से कट सकता है।
यह फार्म आपके मतदाता होने के वेरिफिकेशन के लिए आवश्यक है।
फार्म के साथ किसी भी प्रकार का दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है।
किसी समस्या के लिए टोल फ्री नम्बर 1950 पर कॉल करें।

ऐसे लोगों का हटा दिया जा रहा नाम
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब यूपी समेत देश के 12 राज्‍यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। इसका उद्देश्‍य मतदाता सूची को अपडेट करना है। इसमें अगर किसी व्यक्ति का निधन हो गया है, कोई स्‍थायी रूप से दूसरे राज्‍य में रहने चला गया है तो ऐसे शख्स का नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाता है।

18 साल के वोटरों का जुड़ जाएगा नाम
इसके अलावा परिवार का कोई सदस्‍य अगर 18 वर्ष का हो गया है तो उसका नाम वोटर लिस्ट से जोड़ दिया जाता है। आपको इस फॉर्म में अपना जानकारी जैसे, नाम, आधार नंबर, पिता का नाम, माता का नाम, पत्नी या पति का नाम, मोबाइल नंबर आदि भरना है।

11 प्रकार के दस्‍तावेजों में कोई एक लगाना है
इसके बाद 11 प्रकार के दस्तावेजों में से एक दस्तावेज लगाना है जो आपके पास है। इस दस्तावेज पर खुद के हस्ताक्षर करें और फिर फॉर्म के साथ अपलोड कर दें। फिर BLO वोटर के पत्ते पर जाकर जानकारी का सत्यापन करेगा और सबकुछ सही पाने पर आपका नाम मतदाता सूची में बना रहेगा, लेकिन सत्यापन न होने पर नाम हटा दिया जाएगा।