MBBS Admission Scam: मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए फर्जीवाड़ा करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने भदोही जिले में एक ऐसे गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है, जो छात्रों को सरकारी और स्वायत्त मेडिकल कॉलेजों में फर्जी ‘स्वतंत्रता सेनानी परिवार’ प्रमाण पत्रों के सहारे MBBS कोर्स में एडमिशन दिलाता था। इस मामले में नौ छात्रों के एडमिशन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कैसे पकड़ा गया आरोपी? गिरफ्तार आरोपी की पहचान मिर्जापुर जिले के जिगना निवासी शुभम सिंह के रूप में हुई है। शुभम, गाजीपुर के जमानिया स्थित एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत था। पुलिस अधीक्षक (SP) अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि ज्ञानपुर पुलिस ने शुभम को रविवार 23 नवंबर, 2025 को तब पकड़ा, जब वह एक MBBS छात्र से तय रकम लेने आया था।
गिरफ्तारी के दौरान, पुलिस ने शुभम के पास से 4.8 लाख रुपये नकद बरामद किए। यह रकम छात्र दिव्यांशु वर्मा के पिता से कथित तौर पर लिए गए 5 लाख रुपये का हिस्सा थी। पुलिस के मुताबिक, शुभम ने दिव्यांशु के पिता से फर्जी सर्टिफिकेट के बदले 15 लाख रुपये में डील की थी।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ जब महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण (DGME) ने 27 अगस्त, 2025 को पुलिस से कुछ सर्टिफिकेट की जांच करने को कहा गया। भदोही के नौ छात्रों ने 2012-13 के शैक्षणिक सत्र में ‘स्वतंत्रता सेनानी कोटा’ के तहत एमबीबीएस में दाखिला लिया था, लेकिन उनके डॉक्यूमेंट गलत लग रहे थे।
जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा की गई जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि इन नौ छात्रों द्वारा जमा किए गए प्रमाण पत्र पूरी तरह से जाली थे और उन्हें आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया था। आरक्षण पाने के लिए इन छात्रों ने एक सम्मानित कोटे का गलत इस्तेमाल किया।
नौ छात्रों के नाम सामने आए इस मामले में जिन नौ छात्रों के नाम सामने आए हैं, उनमें शांभवी आर्य, दिव्यांशु वर्मा, सेजल सिंह, शिवांश यादव, अन्वी भूषण, अमित श्रीवास्तव, आयतुजहरा, ईशा यादव और दीपिका आर्य शामिल हैं।
क्लर्क शाहिद अली की शिकायत पर जिलाधिकारी शैलेश कुमार के आदेश के बाद 20 सितंबर, 2025 को धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान छात्र दिव्यांशु ने पुलिस को बताया कि शुभम और उसके साथी प्रदीप दुबे ने ही उसके NEET-2025 एडमिशन के लिए फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र की व्यवस्था की थी। पुलिस अब शुभम के अन्य साथियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रयास कर रही है। यह मामला एक बार फिर शिक्षा और एडमिशन प्रक्रिया में हो रहे गंभीर फर्जीवाड़े को उजागर करता है।