यूपी में एसआईआर में लगे एक और बीएलओ ने जान दी, अब तक पांच की मौत

यूपी में मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान में लगे एक और बीएलओ ने जान दे दी है। रविवार की सुबह मुरादाबाद में बीएलओ का काम कर रहे 45 वर्षीय टीचर सर्वेश सिंह ने अपने घर के अंदर ही फांसी का फंदा लगाकर जान दी है। उनकी जेब से सुसाइड नोट भी मिला है। बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबोधित इस सुसाइट लेटर में बीएलओ ने टार्गेट के टेंशन और अधिकारियों के दबाव को कारण बताया है। यूपी में एसआईआर शुरू होने के बाद से अब तक सात बीएलओ की मौत हो चुकी है। इनमें तीन ने सुसाइड किया है।

भोजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बहेडी ब्रहमनान निवासी सर्वेश सिंह करीब आठ साल से जाहिदपुर कम्पोजिट विद्यालय में अध्यापक के पद पर तैनात थे। इस समय उन्हें एसआईआर के काम में लगाते हुए बीएलओ की जिम्मेदारी दी गई थी। सर्वेश के भाई प्रमोद कुमार के अनुसार शनिवार की रात किसी समय सर्वेश ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह घर वालों ने उनका शव फंदे से लटकता देखा तो कोहराम मच गया। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जांच शुरू की तो जेब से तीन पेज का सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

रात दिन काम करता रहा फिर भी का टार्गेट हासिल नहीं कर पा रहा
सर्वेश ने सुसाइड नोट में लिखा है कि रात-दिन काम करता रहा। फिर भी एसआईआर का टारगेट हासिल नहीं कर पा रहा हूं। रात बहुत मुश्किल और चिंता में कटती है। सिर्फ 2 से 3 घंटे सो पा रहा हूं। 4 बेटियां हैं, 2 की तबीयत कई दिनों से खराब है। मैं जीना तो चाहता हूं पर क्या करता मुझे बहुत बेचैनी है। घुटन और अपने आपको डरा महसूस कर रहा हूं। मेरी 4 छोटी बेटियों का ख्याल रखना बहुत मासूम हैं। अगर समय ज्यादा होता तो शायद मैं इस काम को पूरा कर देता। जो वक्त था वह मेरे लिए पर्याप्त नहीं था। क्योंकि, मैं अपने जीवन में पहली बार BLO बना हूं।

फतेहपुर में लेखपाल, गोंडा में सहायक अध्यापक ने जान दी
यूपी में पिछले एक हफ्ते में ही एसआईआर में लगे तीन बीएलओ ने जान दे दी है। सबसे पहले फतेहपुर में 25 नवंबर को बीएलओ का काम देख रहे लेखपाल रामलाल कोरी ने अपनी शादी से एक दिन पहले जान दे दी थी। उसे अपनी ही शादी के लिए छुट्टी नहीं मिल रही थी। अधिकारी काम का दबाव बना रहे थे और सस्पेंड करने की धमकी दे रहे थे। मेंहदी की रस्म वाले दिन ही घर आकर कानूनगो ने धमकी दी थी। इससे परेशान होकर लेखपाल ने फांसी लगाकर जान दे दी थी।

25 नवंबर को ही गोंडा में जौनपुर के रहने वाले बीएलओ विपिन यादव ने जहर खाकर जान दे दी। जहर खाने के बाद उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ। इसमें एसडीएम समेत अधिकारियों पर एसआईआर को लेकर दबाव बनाने का आरोप लगा रहे थे। उनकी तैनाती सहायक अध्यापक के रूप में थी।