यूपी में अब्दुल्ला रेजीडेंसी को लेकर विवाद, हिंदुओं संग भेदभाव के जांच की मांग

Meerut News: मेरठ में उस वक्त बवाल मच गया, जब अब्दुल्ला रेजीडेंसी में हिंदुओं के दखल पर विवाद शुरू हो गया. यहां हिंदुओं के प्रॉपर्टी खरीदने पर बैन का आरोप लगा है. बताया जा रहा है कि कॉलोनी में मस्जिद भी बनाई गई है. इस मामले में मेरठ दक्षिण विधायक सोमेंद्र तोमर का बयान सामने आया है.

विधायक ने लगाए ये आरोप
विधायक सोमेंद्र तोमर ने कॉलोनी में हिंदुओं के साथ भेदभाव होने का आरोप लगाया है. इसके साथ ही उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. इतना ही नहीं विधायक का कहना है कि मस्जिद के नक्शे की भी जांच होनी चाहिए. हिंदुओं के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

मामले की जांच के आदेश
आरोप है कि अब्दुल्ला रेजीडेंसी में हिंदू समुदाय के लोगों को प्रॉपर्टी खरीदने की अनुमति नहीं है. इतना ही नहीं कॉलोनी परिसर में मस्जिद के निर्माण और गैंगस्टर शारीक परिवार की जमीन के शामिल होने का दावा भी किया गया है. अब इस मामले ने सियासी रंग ले लिया है. ऊर्जा मंत्री सोमेंद्र तोमर ने तो पूरे मामले की जांच के आदेश भी दे दिए हैं.

शहर को मिली नई पहचान
ऊर्जा मंत्री का कहना है कि 2017 से पहले मेरठ को दंगों के लिए बदनाम किया गया था. मेरठ से 1857 की क्रांति की शुरुआत हुई थी, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने कुछ वर्ग विशेष को संरक्षण देकर शहर का माहौल खराब कर दिया. उनका दावा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2017 के बाद मेरठ ने विकास ने रफ्तार पकड़ ली और अब इसे NCR के एक तेजी से विकसित होते जिले के रूप में पहचान मिली है.

मेरठ से पहले मुंबई में सिर्फ मुसलमानों के लिए विशेष टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर विवाद खड़ा हुआ था. प्रोजेक्‍ट के विज्ञापन में कहा गया था कि हलाल अपॉर्टमेंट में हिंदुओं की एंट्री नहीं होगी. धर्म के आधार पर बिल्डिंग प्रोजेक्ट का विज्ञापन करने पर बवाल शुरू हो गया था.