लखनऊ। योगी सरकार ने सोमवार को पहली बार यूपी विधानसभा में आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट पेश की। इसके मुताबिक बीते नौ साल में यूपी की अर्थव्यवस्था ढाई गुना से ज्यादा हो गई है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में यूपी की अर्थव्यवस्था 13.30 लाख करोड़ रुपये की थी, जो दोगुना से अधिक बढ़कर 2024-25 में 30.25 लाख करोड़ रुपये हो चुकी है। 2025-26 में यह 36 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच जाएगी।
वित्त मंत्री ने वर्ष 2025-26 की आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत नींव पर खड़ी है। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में संतुलित विकास ने राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में प्रदेश का योगदान भी बढ़ा है। वर्ष 2016-17 में राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान 8.6 प्रतिशत था, जो 2024-25 में बढ़कर 9.1 प्रतिशत तक पहुंच गया है। आर्थिक समीक्षा के आंकड़ों के मार्फत सरकार ने राज्य की वित्तीय स्थिति बताते हुए भविष्य की दिशा भी रेखांकित की। सरकार ने बताया कि विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य पाने के लिए सरकार का विशेष फोकस निवेश, रोजगार और सतत विकास पर होगा। डिजिटल अर्थव्यवस्था और हरित ऊर्जा को प्राथमिकता दी जाएगी। युवाओं को कौशल विकास और स्टार्टअप योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
इस वित्तीय वर्ष में प्रति व्यक्ति आय होगी 1.20 लाख
सुरेश कुमार खन्ना ने रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये थी, जो आठ वर्षों में दोगुनी होकर 2024-25 में 1,09,844 रुपये तक पहुंच गई है। वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है। यूपी के शहरी क्षेत्र में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। वर्ष 2011 में शहरी इलाका 22.3 प्रतिशत था, जो 2026 में बढ़कर 27.6 प्रतिशत हो गया। 2031 में 29.5 प्रतिशत और 2046 में 35.8 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।
अयोध्या जुड़ेगा जलमार्ग से
सरकार ने आर्थिक समीक्षा में बताया कि अयोध्या को जलमार्ग से जोड़ा जाएगा। राष्ट्रीय जलमार्ग की कुल लंबाई में से 425 किलोमीटर, यानी लगभग 26% यूपी में है। वाराणसी से हल्दिया तक का मार्ग संचालित है, जिसे अयोध्या तक बढ़ाने का कार्य प्रगति पर है। वाराणसी में भारत का पहला मल्टी-मॉडल टर्मिनल स्थापित है, जबकि रामनगर, चंदौली, मिर्जापुर और गाजीपुर में टर्मिनल व फ्रेट विलेज परियोजनाएं विकसित हो रही हैं।
12 नए एक्सप्रेस-वे का होगा निर्माण
कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार एक्सप्रेस-वे और एयरपोर्ट पर ध्यान केंद्रित कर रही है। भविष्य में 12 नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण होगा। प्रदेश में वर्तमान में 7 एक्सप्रेस-वे संचालित हैं, 3 का निर्माणाधीन हैं। 12 नए एक्सप्रेस-वे बनने के बाद प्रदेश में एक्सप्रेस-वे की संख्या 22 हो जाएगी। वर्तमान में प्रदेश में 16 हवाई अड्डे संचालित हैं। इसमें 12 घरेलू और चार अंतरराष्ट्रीय हैं। 8 एयरपोर्ट का निर्माणाधीन हैं। जेवर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा शुरू होते ही उत्तर प्रदेश 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे वाला पहला राज्य बन जाएगा। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के तहत 56,662 एकड़ भूमि अर्जित की जाएगी। पहले चरण में चिह्नित 35,298 एकड़ भूमि में से 22,982 एकड़ जमीन अधिग्रहित हो चुकी है।