समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी में परिवारवाद को लेकर हमलावर रहने वाली भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा फैसला किया है. यूपी में होने वाले पंचायत चुनाव में अब बीजेपी से किसी भी सांसद, विधायक या मंत्री के परिवार का कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकेगा. मंत्रियों-सांसदों और विधायकों के परिवार के लोग टिकट की मांग नहीं करेंगे.
दरअसल, सपा-बसपा पर हमेशा यह आरोप लगता रहा है कि वह परिवारवाद की राजनीति करते हैं, इसे बीजेपी समाप्त करने जा रही है और इसीलिए पार्टी ने अपने सभी नेताओं को साफ संदेश देते हुए कहा कि परिवारवाद को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा. इसीलिए किसी भी विधायक-सांसद व मंत्री के घर के व्यक्ति को चुनाव नहीं लड़ाया जाएगा.
मतदाता सूची में हजारों बोगस नाम
एक तरफ जहां यूपी पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा ने बड़ा फैसला किया है. वहीं उत्तर प्रदेश में मतदाता सूचि में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है. राज्य निर्वाचन आयोग को जानकारी मिली है कि ऐसे हजारों वोटर्स हैं जिनके नाम और पते मैच नहीं खाते. इसलिए बीएलओ इनका सत्यापन घर-घर जाकर करेंगे. इसके अलावा फर्जी मतदाताओं का पता लगाने के लिए एआई का भी इस्तेमाल किया जाएगा. अयोध्या में इसी तरह के अभियान के तहत अब तक 63 हजार बोगस मतदाताओं के नाम चिन्हित किये गए हैं. जिनकी जांच की जा रही है.