लखनऊ: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के एक कदम से यूपी के हजारों किसानों को बड़ी सहूलियत मिलने जा रही है. निजी नलकूपों के लिए बिजली कनेक्शन मिलने में होने वाली असुविधा और देरी अब खत्म हो जाएगी. किसानों को आसानी से कनेक्शन मिल सकेगा. पावर कारपोरेशन ने ये व्यवस्था लागू कर दी है. इस व्यवस्था से किसानों को आवश्यक निर्माण सामग्री के लिए बार-बार विद्युत भंडार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
यूपीपीसीएल के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने इस संबंध में प्रदेश के सभी वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं. निर्देशों में कहा गया है कि निजी नलकूप बिजली कनेक्शनों को अधिक उपभोक्ता हितैषी, पारदर्शी और सुगम बनाने की नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जाए.
निगम को मालूम चला था कि निजी नलकूप विद्युत संयोजनों के निर्माण में प्रयुक्त कुछ विकेन्द्रीकृत निर्माण सामग्रियों, जैसे क्रॉस आर्म होल्डिंग क्लैम्प, स्टे क्लैम्प, एफ-ब्रैकेट, 11 केवी टीपीएमओ सेट, 11 केवी थ्री-फेज फ्यूज सेट, टॉप टी-ऑफ क्लैम्प, एमएस नट-बोल्ट एवं वॉशर, एलटी शैकल इंसुलेटर, डी-क्लैम्प, एलटी क्लैम्प, डेंजर बोर्ड, बार्ब्ड वायर, स्टोन पैड और एक्सएलपीई आर्मर्ड केबल की समय पर उपलब्धता न होने से किसानों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था.
कई मामलों में इन सामग्रियों के अभाव में बिजली कनेक्शन भी प्रभावित हो रहा था. इसी समस्या के समाधान के लिए यूपीपीसीएल ने दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. पहला, निजी नलकूप कनेक्शन के लिए आवश्यक निर्माण सामग्री की किट यथासंभव एकमुश्त उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसानों को सामग्री प्राप्त करने के लिए बार-बार भंडार केंद्रों के चक्कर न लगाने पड़ें और कनेक्शन कार्य में बेवजह देरी न हो. दूसरा, जिन विकेन्द्रीकृत निर्माण सामग्रियों की आपूर्ति निगम नहीं कर रहा है, उनका मूल्य किसानों से धन-मांग पत्र (टीसी) के माध्यम से नहीं लिया जाएगा.
नई व्यवस्था के तहत निजी नलकूप बिजली कनेक्शन के लिए तैयार किए जाने वाले स्टीमेट में इन सामग्रियों का विवरण अनिवार्य रूप से अंकित किया जाएगा, लेकिन उनका मूल्य स्टीमेट में शामिल नहीं किया जाएगा. हालांकि किसानों की सुविधा के लिए इन सामग्रियों की आवश्यक मात्रा और अनुमानित लागत का उल्लेख अवश्य किया जाएगा, जिससे उन्हें पहले से ही आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सके.
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के अनुसार आवेदक आवश्यकता पड़ने पर इन निर्माण सामग्रियों की व्यवस्था अपने खर्च पर अधिकृत लाइन निर्माण एजेंसी के माध्यम से करा सकेंगे, साथ ही विद्युत संयोजन के ऊर्जीकरण से पूर्व संबंधित सामग्री की गुणवत्ता और तकनीकी विशिष्टताओं का विभागीय मानकों के अनुरूप परीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा.
यूपीपीसीएल चेयरमैन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि लाइन निर्माण के दौरान विद्युत पोल, स्टे, ग्राउटिंग और अन्य सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराए जाएं, जिससे कार्य की गुणवत्ता व सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. निजी नलकूप आवेदकों को जारी किए जाने वाले धन-मांग पत्र (टीसी) के साथ नियम और शर्तें भी संलग्न की जाएंगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, स्पष्ट और उपभोक्ता-अनुकूल बन सके.
चेयरमैन डॉ आशीष गोयल ने बताया कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को अनावश्यक भागदौड़ एवं विलंब से राहत देना, निजी नलकूपों के विद्युतीकरण में तेजी लाना, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और विद्युत संयोजन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुगम बनाना है. पावर कॉरपोरेशन का यह कदम न सिर्फ किसानों को निजी नलकूप कनेक्शन प्राप्त करने में बड़ी सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि सिंचाई व्यवस्था को मजबूत कर प्रदेश के कृषि उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा.