संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में बीते वर्ष 24 नंवबर को हुई हिंसा के मामले में जामा मस्जिद के सदर जफर अली का नाम आरोपी के तौर पर सामने आया था। इसके बाद संभल पुलिस ने उनको अरेस्ट कर जेल भेजा था। जेल में लगभग 131 दिन बिताने के बाद जफर अली को कोर्ट से जमानत मिल गई और इसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। अब उन्होंने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 लड़ने का एलान कर दिया है।
संभल हिंसा के आरोपी और शाही जामा मस्जिद इंताजामिया कमेटी के सदर जफर अली ने कहा कि संभल की जनता (आवाम) से समर्थन मांगा है। दुआओं, वोट और सपोर्ट की दरख्वास्त है। आवाम के कहने पर मैं चुनाव लडूंगा।
किस पार्टी से लड़ेंगे चुनाव जफर अली
जफर अली पेशे से अधिवक्ता है और संभल हिंसा मामले में जेल जा चुके है। फिलहाल वो जमानत पर बाहर हैं। संभल में जामा मस्जिद बनाम श्रीहरिहर मंदिर विवाद को लेकर वह चर्चा में आए थे। वह मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता भी है। वो किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे इसको लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं किया, बल्कि कहा कि अभी इसे राज रहने दें।
हालांकि उन्होंने ये साफ तौर पर कहा कि यदि उनका मुकाबला संभल से 7 बार विधायक रह चुके इकबाल महमूद से होगा तो जनता चाहेगी तो वो चुनावी ताल ठोंगेगे। एक सवाल का जबाव देते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई पार्टी उन्हें टिकट नहीं देती है तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे और सफलता हासिल करेंगे।
सर्वे की डिटेल लीक की थी
बता दें कि जफर अली को संभल कोतवाली में दर्ज एफआईआर नंबर 335/24 में जेल भेजा गया था। 24 नंवबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के एएसआई सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा में जफर अली पर आरोप था कि सर्वे कब होगा, इसकी जानकारी उन्होंने साझा की थी। इसकी वजह से विवादित परिसर के आस-पास बड़ी तादाद में लोग इक्ठा हुए थे। इसके बाद हिंसा भड़क गई थी।